बागपत के कस्बा टीकरी के पूर्व चेयरमैन सोमपाल राठी के तहेरे भाई चौधरी महिपाल सिंह और उनके पंजाब के परिचित जगतार सिंह की हत्या में कोर्ट ने छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी है। दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। केस की एक अन्य आरोपी टीकरी चेयरपर्सन राजबाला चौधरी को तीन दिन पूर्व कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया था।
टीकरी कस्बा के पूर्व चेयरमैन सोमपाल राठी के मुताबिक परिवार के लोग 6 मार्च 2008 को मुजफ्फरनगर के किनौनी बरवाला गांव में भांजी की शादी में भात देकर कार से घर लौट रहे थे। भड़ल गांव के पास स्कार्पियो सवार लोगों ने उनके परिजनों की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इसमें उनके तहेरे भाई महिपाल राठी और उनके परिचित पंजाब के जगतार सिंह की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
जबकि उनके भाई राजेंद्र सिंह, भतीजा अमित राठी गंभीर रुप से घायल हो गए थे। उनके छोटे भाई सतवीर राठी ने दोघट थाने पर टीकरी चेयरपर्सन राजबाला चौधरी, नरेंद्र राठी, अरविंद, सुभाष, ओमवीर, अमित, राजीव, सोनू उर्फ सोहनवीर पर हत्या और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी के अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर के मुताबिक केस एडीजे (प्रथम) लालचंद द्वितीय की कोर्ट में चल रहा था।
कोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए 16 फरवरी को साक्ष्य के आधार पर छह आरोपी नरेंद्र राठी, अरविंद, सुभाष, राजीव, ओमवीर और अमित को दोषी माना था, जबकि टीकरी चेयरपर्सन राजबाला चौधरी को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया था। शुक्रवार को दोषियों की सजा पर सुनवाई हुई। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने केस के सभी दोषियों को उम्र कैद की सजा और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। धनराशि जमा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगा।
सजा होते ही सोमपाल राठी को मारने का ऐलान
बागपत। केस के आरोपी जैसे ही शुक्रवार को कोर्ट में पहुंचे, उनके परिजन और रिश्तेदार कचहरी में पहुंच गए थे। कोर्ट के सजा सुनाने के बाद हत्या के दोषियों से उनके परिजनों ने कचहरी परिसर में लंबी मुलाकात की। इस दौरान कई महिलाओं की आंखों से आंसू भी छलके। बाद में पुलिस वाले उन्हें जेल ले जाने लगे। इस दौरान मीडियाकर्मियों को देखते ही हत्या के दोषी आग बबूला हो गए।
हत्या के एक दोषी ने खुलेआम कहा कि उसके निशाने पर सोमपाल राठी है। उसने सोमपाल की हत्या करने तक की धमकी दी। बाद में पुलिस वाले उसे वहां से लेकर चले गए। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि सोमपाल राठी को जान से मारने की धमकी देने का मामला उनके संज्ञान नहीं है। उनको पहले से ही पुलिस सुरक्षा दी गई है।