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सरल, साफ-सुथरा भाव और निष्कपट व्यवहार है धर्म

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बागपत के दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दशलक्षण पर्व पर पूजा करते श्रद्घालु - फोटो : BAGHPAT
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी/अमीनगर सराय। दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन मंदिरों में श्रीजी का अभिषेक कर अर्घ्य चढ़ाए। इसके बाद उत्तम अर्जाव धर्म की पूजा हुई। सांय कालीन सभा में आचार्यों ने प्रवचन कर उत्तम अर्जाव धर्म पर प्रकाश डाला।
नगर के श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन श्रीजी का अभिषेक कर भगवान श्री पारसनाथ की प्रतिमा को मंदिर प्रांगण में पांडुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक और शांति धारा कराई । शांतिधारा अनमोल जैन ,मुकुल जैन, सुखबीर जैन, रजत जैन ने की। रविवार को उत्तम अर्जाव धर्म की पूजा हुई। भगवान श्री शांति नाथ विधान का आयोजन किया । समाज की स्त्री, पुरुष व बच्चों ने मंदिर प्रांगण में विराजमान श्री पारसनाथ भगवान के सन्मुख 64 अर्घ्य को समर्पित किए।
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मयंक जैन ने कहा कि व्यक्ति को कभी भी छल कपट या बेमानी नहीं करनी चाहिए और सदैव सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। संध्या में सर्व प्रथम 48 दिवसीय भक्ताम्बर स्त्रोत का पाठ कर महाआरती की गई। आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रश्न मंच प्रतियोगिता कर प्रतिभागियों से धार्मिक प्रश्न पूछे । इसके विजेताओं को जैन सेवा संघ ने सम्मानित किया । विधान में संजीव जैन विनीत जैन सार्थक जैन ऋषभ जैन सुनील जैन तरुण जैन विकास जैन, कामिनी जैन, सुषमा जैन, सुशीला जैन, पालकी जैन, बबिता जैन अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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उधर अग्रवाल मंडी टटीरी के श्री दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को सिद्धचक्र विधान पाठ आयोजित किया। पंडित ऋषभ जैन ने कहा कि छल कपट से किए कार्य धर्म नहीं है। धर्म का संबंध तो सरल साफ-सुथरे भाव के साथ निष्कपट व्यवहार से है। सिद्धचक्र विधान में आठ अर्घ्य चढ़ाए और उत्तम आजर्व धर्म की आराधना की। पाठ में संजय जैन, जिनेंद्र जैन, हर्ष जैन, मुकेश, प्रवीण जैन, प्रमिला, माया, सुधा, अंजलि, गीता, रेनू,प्राची, शोभा रहे। कस्बा अमीनगर सराय में चल रहे दस लक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आजर्व धर्म की आराधना की। तीन लोक महामंडल विधान में पूजन व श्रीजी को अर्ध्य समर्पित किए । सायं कला में आचार्य शिवम शास्त्री ने धर्म सभा में प्रवचन किए। दिनेश जैन, विनोद जैन, जयकुमार जैन, प्रवीण जैन, अशोक जैन, भूषण जैन आदि रहे।
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