100 से ज्यादा शूटर ले रहे जौहड़ी गांव स्थित बीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण
20 प्रशिक्षुओं की उम्र नौ से 11 साल की, देश का नाम रोशन करना ही सपना
जौहड़ी का नाम विश्व पटल पर चमकाने वाले धुरंधर है इन बालकों के आदर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत/बिनौली। अर्जुन अवार्डी विवेक सिंह और लक्ष्मीबाई अवार्ड विजेता सीमा तोमर जैसे 42 निशानेबाजों ने गांव जौहड़ी का नाम विश्व पटल पर चमकाया है। अब इन्हीं धुरंधरों के पदचिह्नों पर नन्हें निशानेबाज भी चल रहे है। जौहड़ी स्थित बीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज पर इन नन्हें निशानेबाजों को कड़ी मेहनत के साथ अभ्यास करते देखा जा सकता है। इन सभी का ओलंपिक में पदक हासिल कर देश का मान बढ़ाना ही लक्ष्य है।
रेंज संस्थापक डॉ. राजपाल ने बताया कि खेलों इंडिया योजना के तहत बीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज पर नौ से 11 वर्ष के आदि तोमर, दक्ष तोमर, शौर्य आदित्य सिंह जादौन, देव तोमर, अर्जुन, यश, कनिष्क, नमन, अभिराज आदि प्रशिक्षण ले रहे है। खेलों इंडिया कोच महबूब पठान ने बताया कि इन नन्हें निशानेबाजों ने नोएडा में संपन्न हुई प्री स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया था। चैंपियनशिप में नन्हें शूटरों का प्रदर्शन शानदार रहा।
42 शूटर कर चुके देश का नाम रोशन
वर्ष 1998 में राइफल एसोसिएशन जौहड़ी का गठन हुआ था। तब से अब तक करीब 500 निशानेबाज तैयार हुए, जिनमें अर्जुन अवार्डी विवेक सिंह, लक्ष्मीबाई अवार्डी सीमा तोमर, श्वेता चौधरी, हरवीन, जूही तलवार, रूबी तोमर, जाकिर खान, रुचि सिंह, रवि कुमार, राजीव मलिक, सीमा तोमर, वर्षा तोमर, सर्वेश तोमर, आलोक सिंह, विपिन राणा, बालेश चौधरी, सपना चौधरी, वृत्तिका सिंह, ललित कुमार जाटव, चारु प्रज्ञा, श्वेता यादव, अखिल श्योरान, कपिल तोमर, साक्षी डागर, कपिल कुमार, रवि जाटव, फारूख अली, मोहित गौड़, सचिन चौहान, मो. आरिफ, प्रशांत तोमर, रेशू तोमर, प्रीति तोमर, दिग्विजय मलिक सहित 42 शूटरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेकों पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।
जौहड़ी से चमका नाम, स्पोर्ट्स कोटे से पाई नौकरी
जौहड़ी ने अब तक करीब 500 शूटर तैयार किए हैं। इनमें से अधिकांश शूटर स्पोर्ट्स कोटे के तहत इंडियन एयरलाइंस, थल सेना, वायु सेना, रेलवे, आर्मी सहित अन्य क्षेत्रों में नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा जौहड़ी से निकले करीब 58 शूटर देशभर में सरकारी और प्राइवेट शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण दे रहे हैं।
साइकिल से जौहड़ी शूटिंग सीखने आते हैं बच्चे
शूटिंग के क्षेत्र के अपने आप को साबित करने का ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में इतना जनून है कि बामनौली से अर्जुन, यश, नमन, सिरसली से अभिराज, वंश, बिनौली से कनिष्क बिजवाड़ा से नमन आदि बच्चे साइकिल से जौहड़ी की बीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण प्राप्त करने आते है। रेंज संस्थापक डॉ. राजपाल ने बताया कि नन्हें शूटरों में सीखने का जज्बा है।
चारु प्रज्ञा की पिस्टल से करते है अभ्यास
जौहड़ी की बीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज पर प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को कोई भी सरकारी सुविधा नहीं मिलती। वे स्वयं ही छर्रे और टारगेट खरीदते हैं। प्रैक्टिस के लिए रेंज पर भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह की पुत्री चारु प्रज्ञा और संस्थापक डॉ. राजपाल सिंह की पिस्टल मौजूद है, इन दो पिस्टलों से ही बच्चे अभ्यास करते है।
गुरू बोले, यह बालक एक दिन देश का नाम करेंगे रोशन
डायरेक्टर भगत सिंह ने बताया कि बच्चों में शूटिंग का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। खेलो इंडिया ट्रस्ट की ओर से संचालित खेल इंडिया शूटिंग ट्रेनिंग में भी 10 से 15 साल के शूटर निशानेबाजी के गुर सीख रहे है।
बिग शॉट शूटिंग एकेडमी के डायरेक्टर सौरभ तोमर और कोच अनू तोमर ने बताया कि रेंज पर लगातार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। ज्यादातर बच्चे नौ से 12 साल के बीच है। यह सभी बालक एक दिन देश का नाम रोशन करेंगे।
वन टारगेट शूटिंग एकेडमी के डायरेक्टर विपिन दांगी ने बताया कि 11 वर्षीय मिंटू दांगी खेड़ा हटाना, 12 वर्षीय ऋतिका सरूरपुर गांव, 11 वर्षीय युगेन शर्मा, दस वर्षीय रुद्र राणा, दस वर्षीय युगराज और दस वर्षीय शिवम भी रेंज पर शूूटिंग सीखने के लिए आते है।