चांदीनगर (बागपत)। लॉकडाउन का असर किसानों के चेहरों पर दिखने लगा है। रटौल गांव हॉटस्पॉट बन गया। यहां से जिलेभर की साप्ताहिक पैठ में भेजी जाने वाली सब्जियां सप्लाई नहीं हो रही है। मजबूरन किसानों को औने-पौने दाम में गांव में ही बेचना पड़ रहा है। इसके अलावा अधिकतर किसानों ने सप्लाई ही नहीं की। किसी ने बैंक से कर्ज लेकर तो किसी ने ठेके पर खेत लेकर अपने खेतों में सब्जी की खेती लगाई थी। दिन-रात मेहनत कर फसल की जानवरों से रख वाली की, लेकिन अब किसान फसल को उजाड़ने के लिए मजबूर। उम्मीद थी की सब्जी की खेती उसे मुनाफा देकर जाएगी, मगर लॉकडाउन होने के कारण किसानों को लागत भी नहीं मिल सकी है।
किसान अब्दुल वाहिद ने ठेके पर खेत लेकर धनिया और खीरे की खेती लगाई थी। दो बार ही सब्जी मंडी ले जा पाया है। लॉकडाउन होने के कारण सब्जी दिल्ली की मंडी नहीं ले जा पाया। अब फसल को उजाड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
- मोहम्मद शकील ने बैंकों से कर्ज लेकर सब्जी की बुवाई की थी। खेत में लौकी और पेठा लगाया था। सब्जी की सप्लाई न होने के कारण बैंक का कर्ज तले दब गए है। अब फसल को उजाड़ना पड़ रहा है।
- ओमपाल का कहना है कि सब्जी तैयार हो गई है, मंडी बंद है और ठेले पर बेच नहीं सकते है। सब्जी ना उतारें तो फसल बर्बाद हो जाएगी। पड़ोस के लोगों को फ्री में बांटने के लिए मजबूर है। अब तो लॉकडाउन खुलने की आस लगाए बैठे है।