14 अप्रैल को स्टडी वीजा पर रूस गया था आशू
आशू के पिता राकेश के अनुसार, उनका बेटा 14 अप्रैल 2026 को स्टडी वीजा पर रूस गया था। वहां जाने के बाद वह नियमित रूप से परिवार के संपर्क में था। 30 जुलाई को उसकी आखिरी बार करीब दो मिनट तक फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल नंबर बंद आने लगा।
परिवार ने आशू को रूस भेजने वाले एजेंट से भी संपर्क किया। आरोप है कि एजेंट ने आशू के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
बेटे की सलामती को लेकर परेशान परिवार
आशू से संपर्क टूटने के बाद माता-पिता और बहनें लगातार परेशान हैं। परिवार को बेटे की सलामती की चिंता सता रही है। परिजनों ने सरकार से रूस में भारतीय अधिकारियों के माध्यम से मामले की जानकारी जुटाने और आशू की तलाश कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आशू के बारे में जल्द कोई ठोस जानकारी मिल सके और उसकी सकुशल देशवापसी के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
अन्य लापता भारतीय युवकों की तलाश की भी मांग
परिजनों ने रूस में लापता अन्य भारतीय युवकों के मामलों को भी गंभीरता से लेने की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार को संबंधित देशों के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लापता युवकों की तलाश करानी चाहिए और उन्हें सकुशल भारत लाने की पहल करनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छात्र की बरामदगी के लिए संबंधित अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।