बागपत में वर्ष 2011 में यांत्रिक बूचड़खाना के विरोध में बड़ौत में हुए आंदोलन के मामले में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले में डॉ. साध्वी प्राची बृहस्पतिवार को बागपत सीजेएम कोर्ट में पेश हुई। अधिवक्ता के मुताबिक तारीख पर न आने के कारण साध्वी के कोर्ट से गैर जमानती वारंट हुए थे। सुनवाई के उपरांत कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।
यह आंदोलन मुनि मैत्री प्रभ सागर जी महाराज के नेतृत्व में 26 अप्रैल से 13 मई 2011 तक चला था। इसमें पूर्व विधायक और भाजपा नेता त्रिपाल धामा, डॉ. साध्वी प्राची, रवि शास्त्री समेत कई प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया था। प्रभ सागर जी महाराज आमरण अनशन पर बैठे थे।
पुलिस प्रशासन ने उन्हें 12 मई 2011 की रात को जबरदस्ती उठा दिया था। इसके विरोध में लोगों ने जमकर हंगामा किया था। पुलिस ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगाकर रोड बाधित करने, पुलिस पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई संगीन धाराओं में पूर्व विधायक त्रिपाल धामा, डॉ. प्राची, रवि शास्त्री, गोविंद सिंह, सचिन जैन को नामजद करते हुए 300-400 लोगों के खिलाफ बड़ौत थाना पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
इस मामले के आरोपी पूर्व विधायक त्रिपाल धामा की हत्या हो चुकी है। डॉ. प्राची की कोर्ट से जमानत हो चुकी है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन साध्वी कोर्ट में तारीख पर पेश नहीं हो रही थी। अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि कोर्ट में तारीख पर न आने के कारण प्राची के गैर जमानती वारंट हुए थे।
बृहस्पतिवार को प्राची सीजेएम कोर्ट में पेश हुई। जहां से उन्हें जमानत दे दी गई है। साथ ही कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 27 सितंबर नियत की है।
साधु-संतों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा
बागपत। विहिप नेत्री साध्वी प्राची ने बनारस में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को गंगा में विसर्जन करने को लेकर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज पर प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। उसने कहा कि साधु-संतों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राची ने कहा है कि प्रदेश सरकार कोर्ट के आदेश का पालन यमुना में मूर्ति विसर्जन रोक कर कर रही है तो जानवरों के कटान पर क्यों नहीं रोक लगा रही है। पशु कटान पर भी तो कोर्ट ने रोक लगा रखी है। बकरीद पर लाखों पशु काटे जाएंगे, जो पूरी तरह से गलत है।
27 अगस्त को बरेली में पुलिस द्वारा उन पर लाठीचार्ज की गई थी। इसमें वे गंभीर रुप से घायल हो गई थी। अब तीन दिन पूर्व बनारस में पुलिस ने साधु-संतों पर लाठियां बरसाई हैं। उनका कहना है कि सपा सरकार एक समुदाय को खुश करने में लगी हुई है। इस अत्याचार को सहन नहीं किया जाएगा। इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।
मैं भाजपा में ही हूं
बागपत। प्राची साध्वी ने कहा कि वे भाजपा में ही है। पार्टी के नेता क्या कह रहे हैं? इसका उन्हें कुछ पता नहीं है। इस बारे में उन नेताओं से ही पूछा जाए।