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हापुड़ भेजे जिला अस्पताल के सात वेंटीलेटर

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बागपत। कोरोना महामारी में हर जगह चिकित्सीय संसाधनों की कमी दिखाई दे रही है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने सात वेंटीलेटर हापुड़ भेज दिए हैं। विभाग का तर्क है कि यहां से गंभीर मरीजों को हापुड़ रेफर किया जाता है, इसलिए वेंटीलेटर हापुड़ भेजे हैं। सवाल यह है कि जिले के कितने मरीजों को हापुड़ में इन संसाधनों का फायदा मिल पाएगा। जिले से हापुड़ की दूरी करीब 70 किमी है। एक घंटे से ज्यादा समय वहां तक पहुंचने में लगता है। इससे मरीजों की जान जाने का खतरा हमेशा बना रहता है। बुधवार को ही पूर्व डिप्टी सीएमओ डॉ. आरबी सुमन को खेकड़ा के अस्पताल से हापुड़ रेफर किया था, वह हापुड़ तक पहुंच भी नहीं पाए और रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। ऐसे में हापुड़ को सात वेंटीलेटर देने पर सवाल खड़ा होता है।
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गंभीर मरीजों के इलाज की नहीं है व्यवस्था
- जिले में एक भी एल-3 अस्पताल नहीं है। यहां से गंभीर मरीजों को मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और हापुड़ रेफर किया जाता है। कई बार मरीज हायर सेंटर पहुंच भी नहीं पाते हैं और रास्ते में ही उनकी मौत हो जाती है।
जिले में 381 बेड हैं उपलब्ध
- जिले में तीन एल-2 अस्पताल हैं। जिनमें सरूरपुर, खेकड़ा और आर्यभट्ट कॉलेज डौला शामिल हैं। इनमें सरूरपुर और खेकड़ा में 75-75 बेड हैं। जबकि आर्यभट्ट कॉलेज में फिलहाल 100 बेड की व्यवस्था की गई है। जिसे बढ़ाकर 500 बेड तक किए जाने की कार्ययोजना पर फिलहाल काम चल रहा है। इसके अलावा जिले के तीन निजी अस्पताल आस्था नर्सिंग होम, मेडिसिटी और क्रिस्टल हॉस्पिटल को भी कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए अधिकृत किया है। इन तीनों अस्पताल में कुल 131 बेड की व्यवस्था है।
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वर्जन :- जिले में कोरोना के गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे मरीजों को हापुड़ रेफर किया जाता है। इसलिए यहां से सात वेंटिलेटर वहां भेजे गए हैं। डॉ. आरके टंडन, सीएमओ।
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