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पुलिस पर पथराव करने वाले 157 के खिलाफ मुकदमा, सात जेल भेजे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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दोघट। भड़ल गांव में चर्मशोधन इकाइयों के ध्वस्तीकरण को पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने सात नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसमें सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। वहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई देर शाम तक की गई और 31 इकाइयां अवैध रूप से चलती मिलीं। उनको भी ध्वस्त कर दिया गया।
भड़ल गांव में एनजीटी के आदेश पर शनिवार को प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिसबल के साथ चर्मशोधन इकाइयों को ध्वस्त करने पहुंचे थे। जहां चर्मशोधन इकाई संचालकों के परिवारों की महिलाओं ने हंगामा कर दिया था। इकाई संचालकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। जिस कारण साढ़े तीन घंटे से तक हंगामा चलता रहा। पथराव में दस पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। वहीं, एक जेसीबी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मेरठ के अवर अभियंता सतेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर दोघट पुलिस ने सुमिता उर्फ छोटी पत्नी विनोद, अनिता पत्नी मुकेश, कविता उर्फ प्रिया पत्नी जैवेन्द्र उर्फ छोटे, रवींद्र, प्रवेंद्र पुत्र ईश्वर, विनोद पुत्र सीताराम, मुन्ना पुत्र विनोद निवासी भड़ल व 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसमें पुलिस ने नामजद आरोपी रवींद्र, प्रवेंद्र, विनोद, मुन्ना, सुमिता उर्फ छोटी, अनीता व कविता को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें न्यायालय ने जेल भेज दिया। वहीं, एसपी नीरज कुमार जादौन का कहना है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और अन्य की पहचान करने में लगे हैं।
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घर छोड़कर भाग गए हंगामा करने वाले
चर्मशोधन इकाइयों के ध्वस्तीकरण के दौरान हंगामा, पथराव करने वाले पुलिस कार्रवाई शुरू होने के बाद घर छोड़कर भाग गए। पुलिस ने वीडियो देखकर कुछ आरोपियों की पहचान की तथा दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
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अवैध रूप से चल रही थीं 31 इकाइयां
वहां पुलिस व प्रशासन की टीम को 84 इकाइयां संचालित होने की जानकारी थी। एनजीटी के आदेश में भी 84 इकाइयां संचालित होने की बात दर्शाई थी। वहां कार्रवाई की गई तो पता चला कि 31 इकाईयां अवैध रूप से संचालित हैं। उनको भी ध्वस्त कर दिया गया।
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