बागपत में सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल की ओर से डीपीआरओ को किए गए धमकी भरे मामले में आवाज की जांच होगी। टेप में कुलदीप उज्ज्वल और डीपीआरओ की आवाज जांचने के लिए ऑडियो को हैदराबाद जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में पुष्टि के बाद ही कार्रवाई होगी।
बागपत से सपा प्रत्याशी डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने ग्राम सचिवों के तबादले के मुद्दे पर डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय को कॉल कर धमकाया था। यही नहीं डीएम और सीडीओ को भी अपशब्द कहे थे।
टेप वायरल होने के कारण कुलदीप उज्ज्वल को उत्तर राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन पद से हटा दिया गया। डीपीआरओ भी बगैर छुट्टी स्वीकृत हुए ही अपने घर जौनपुर चले गए। वह प्रमुख सचिव के समक्ष भी अपना पक्ष रख चुके हैं।
मामले में कुलदीप उज्ज्वल बयान दे चुके हैं कि जो आवाज टेप हुई है, वह उनकी नहीं है। डीपीआरओ के नाम से एसपी को शिकायती पत्र भेजा। इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तीन मिनट 51 सेकेंड की ऑडियो टेप में आवाज की जांच कराने का फैसला किया है।
सीओ कर्मवीर सिंह ने इसकी पुष्टि कर बताया डीपीआरओ द्वारा जो ऑडियो जारी की गई है। उसको जांच के लिए हैदराबाद लैब में भेजा जा रहा है। वहां पर आवाज की जांच होगी। लैब रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. उज्ज्वल और डीपीआरओ को भेजा जाएगा सफीना
बागपत। वायरल टेप के मामले में पुलिस अब डॉ. कुलदीप उज्ज्वल और डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय को सफीना भेजने की तैयारी में है। सीओ कर्मवीर सिंह ने बताया डीपीआरओ ने शिकायत की थी कि चार जून की रात करीब साढ़े 11 बजे उनके मोबाइल पर फोन करके डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने अपशब्दों और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
शिकायत मिलने पर एसपी पूनम के निर्देश पर मामले की जांच बागपत सीओ कर्मवीर सिंह कर रहे हैं। सीओ कर्मवीर सिंह ने बताया इस मामले में सपा नेता और डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय को सफीना भेजा जा रहा है। मसले पर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
उज्ज्वल ने सीएम से की जांच की मांग
बागपत। सपा प्रत्याशी डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की है। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने इस मामले को षड्यंत्र के तहत उनके नाम से फैलाया है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस बाबत पत्र भी भेजा है।
बागपत पुलिस ने भी हटाया गनर
बागपत। राज्य मद्य निषेध परिषद की कुर्सी जाने के बाद कुलदीप उज्ज्वल की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। मेरठ के बाद अब बागपत से दिए गए गनर को भी वापस बुला लिया गया है।
वायरल हो सकती हैं और भी रिकॉर्डिंग
बागपत। सपा नेता कुलदीप उज्ज्वल की वायरल रिकॉर्डिंग को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है। इस बीच कुछ लोग फिर से मोबाइलों में आपत्तिजनक रिकॉर्डिंग की तलाश में जुटे हैं। इधर-उधर लोगों से संपर्क कर इस तरह की अन्य बड़े नेताओं की रिकॉर्डिंग की टोह ली जा रही है। नेताओं की आपसी बातचीत के अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की गई पुरानी बातचीत खंगाली जा रही है। कईं बड़े नाम ऐसे हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग की तलाश में कुछ लोग जुटे हैं।
आज नहीं आएंगे सर्वेश पांडेय
बागपत। विवादित टेप वायरल हो जाने के बाद अपने घर जौनपुर गए पूर्व प्रभारी डीपीआरओ सर्वेश पांडेय सोमवार को दफ्तर नहीं पहुंचेंगे। वह डीएम हृदय शंकर तिवारी को 12 जून तक के अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर जौनपुर गए थे, लेकिन अवकाश स्वीकृत नहीं हुआ। इसके बाद वह अपना पक्ष रखने लखनऊ चले गए। सर्वेश पांडेय ने बताया कि वह प्रमुख सचिव के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं। सोमवार को जैसा आदेश मिलेगा, उसके बाद ही वह आगे का कदम उठाएंगे। गौरतलब है कि पांडेय की जगह कलक्ट्रेट के ओसी मनोज कुमार को प्रभारी डीपीआरओ का चार्ज दिया जा चुका है।
कब क्या हुआ
- 4 जून : रात 11:31 बजे डीपीआरओ को धमकी भरी कॉल
- 6 जून : कुलदीप उज्ज्वल का समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट में हंगामा, टेप वायरल
- 7 जून : धमकी और हंगामे की शिकायत लखनऊ तक पहुंची
- 8 जून : कुलदीप उज्ज्वल को राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन पद से हटाया
- 9 जून : कुलदीप उज्ज्वल के समर्थन में कलक्ट्रेट का घेराव
- 10 जून : डीपीआरओ जौनपुर गए, डीएम ने छुट्टी स्वीकृत नहीं की
- 11 जून : सर्वेश पांडेय प्रमुख सचिव से मिले, मनोज प्रभारी डीपीआरओ