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प्रमुख सचिव के पास पहुंचे डीपीआरओ

Sun, 12 Jun 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय - फोटो : amar ujala
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बागपत में सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के धमकी भरे फोन के बाद छुट्टी स्वीकृत नहीं होने से डीपीआरओ शनिवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव (पंचायती राज) चंचल तिवारी के सामने हाजिर हुए। फोन टेप से लेकर छुट्टी मांगने तक पूरे मामले का विवरण रखा। डीपीआरओ ने कहा बगैर सुरक्षा ऐसे हाल में काम करना खतरे से खाली नहीं है।
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प्रभारी डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय के मोबाइल पर बागपत से सपा प्रत्याशी डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने फोन कर धमकाया था। सीडीओ और डीएम को भी अपशब्द कहे। मामला उछला तो कुलदीप को राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। बृहस्पतिवार को डीपीआरओ ने छुट्टी के लिए डीएम ह्दय शंकर तिवारी को प्रार्थना पत्र दिया, इसे गांवों की कार्ययोजनाएं लटकी होने के कारण स्वीकृत नहीं किया गया। इस बीच पांडेय अपने घर जौनपुर चले गए। 
डीपीआरओ ने छुट्टी स्वीकृत नहीं होने के बाद शनिवार को लखनऊ जाकर प्रमुख सचिव (पंचायती राज) चंचल तिवारी और पंचायती राज के डायरेक्टर अनिल कुमार के सामने अपना पक्ष रखा। पांडेय का कहना था कि ऐसे हालात बन गए हैं कि उनके लिए नौकरी करना मुश्किल हैं। फोन कॉल से लेकर डीएम को छुट्टी के प्रार्थना पत्र देेने तक डीपीआरओ ने पूरा हाल प्रमुख सचिव को सुनाया। पांडेय ने बताया उसकी बातों को ध्यान से सुना गया है और इंसाफ को भरोसा दिलाया गया है। डीपीआरओ ने कहा बगैर सुरक्षा कार्य करना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए पहले उसकी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
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कुछ भी कर सकते हैं उज्ज्वल
डीपीआरओ ने प्रमुख सचिव को बताया सपा नेता का उसकी वजह से पद गया है, इसलिए अब वह कुछ भी कर सकते हैँ। उसे खतरा है, इसलिए अब विभाग को सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। डीएम को दिए पत्र और छुट्टी स्वीकृत नहीं किए जाने का मामला भी रखा गया।

ऑफिस लौटना अभी मुश्किल
जिस तरह डीपीआरओ सुरक्षा की गुहार लेकर प्रमुख सचिव के सामने गए हैं, इससे लगता है वह सोमवार को ऑफिस नहीं आ सकेंगे। खुद उन्होंने स्वीकार किया है कि इस तरह बगैर सुरक्षा ऑफिस आना जाना खतरे से खाली नहीं है। अगर रविवार को उन्हें सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिला तो उनका ऑफिस पहुंचना संदिग्ध है।
  अब लखनऊ पर सबकी नजर 
बागपत। सपा नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल को मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन पद से हटाने के बाद अब मामले में सबकी नजर लखनऊ पर टिकी है। सवाल है डीपीआरओ या अन्य किसी अफसर पर कार्रवाई होगी या नहीं। कार्रवाई होगी तो कब होगी। डीपीआरओ के लखनऊ पहुंच जाने के बाद अब इस मसले को और अधिक हवा मिल गई है।
  धमकी भरी कॉल क्योंकि कुलदीप और डीपीआरओ के बीच की है। कुलदीप उज्ज्वल का पद जा चुका है, लेकिन डीपीआरओ की अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। उल्टे वह बगैर छुट्टी स्वीकृत हुए लखनऊ प्रमुख सचिव के सामने हाजिर हो गए। प्रशासनिक स्तर पर लखनऊ से होने वाली कार्रवाई पर अब सबकी नजर है।

ओसी कलक्ट्रेट होंगे प्रभारी डीपीआरओ 
बागपत। बगैर सूचना दिए छुट्टी पर गए डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय की जगह अब कलक्ट्रेट के ओसी मनोज कुमार को प्रभारी डीपीआरओ बनाया गया है। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया शनिवार को मनोज कुमार को प्रभारी डीपीआरओ बनाया गया है। पंचायत विभाग के कार्य प्रभावित न हो इसके लिए यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि सर्वेश पांडेय भी प्रभारी डीपीआरओ के पद पर ही थे।

 बगैर छुट्टी लिए घर चले जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। पंचायती राज विभाग को भी मामले से अवगत कराया जाएगा। कार्य योजना लटकी होने के चलते ही केवल छुट्टी अस्वीकृत की गई है। - ह्दय शंकर तिवारी, डीएम बागपत।
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