बागपत। पुराने वाहनों को जब्त करने के चक्कर में एआरटीओ ने स्क्रैप सेंटर वालों के साथ मिलकर पूरा खेल कर दिया। जिन वाहनों को जब्त किया गया, उनमें भरे पेट्रोल को स्क्रैप सेंटर वाले पी गए। वहीं स्क्रैप के रुपये देने के लिए किसी का खाता नंबर तक नहीं लिया गया और न किसी के खाते में एक भी रुपया आया। इस तरह वाहन मालिकों पर चौतरफा मार पड़ रही है।
एआरटीओ ने डीजल वाले दस साल और पेट्रोल वाले पंद्रह साल पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। अभी तक अधिकारियों ने 325 वाहनों को जब्त किया है। इनमें 240 बाइकें हैं और अन्य में कार, थ्री व्हीलर आदि वाहन शामिल हैं। इन वाहनों को जब्त करने के बाद डौला, खेकड़ा व गाजियाबाद के स्क्रैप सेंटर में भेजा गया।
वाहनों में करीब डेढ़ हजार लीटर पेट्रोल व डीजल था, लेकिन यह वाहन चालकों को वापस नहीं दिया गया। स्क्रैप सेंटरों में जब लोग पेट्रोल व डीजल लेने गए तो उनको अंदर नहीं घुसने दिया गया। उनके साथ अभद्रता तक की गई। वहीं एआरटीओ के पास गए तो वहां भी उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया। इनके अलावा जिनके वाहनों को जब्त किया गया, उनका खाता नंबर भी नहीं लिया गया। इस तरह एक भी वाहन मालिक को स्क्रैप के रुपये भी नहीं मिले।
-नोटिस दिया नहीं, सीधे वाहन उठाया
एआरटीओ की कार्यप्रणाली पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं कि एक भी वाहन मालिक को नोटिस नहीं दिया गया है। इसके बाद भी किसी के वाहन को घर के बाहर से उठा लिया गया और किसी का वाहन दुकान के बाहर से उठाया गया। बड़ौत में परीक्षा देने जा रहे भाई-बहन से बाइक छीनकर उनको पैदल भेज दिया गया। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों के पास नोटिस देने का समय नहीं मगर वाहन उठाने का समय है। उनका आरोप है कि वाहन मालिक खाता नंबर देने एआरटीओ कार्यालय जाते हैं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है।
बागपत में क्लीनिक के बाहर बाइक खड़ी थी, जिसे एआरटीओ ने 17 सितंबर को जब्त कर लिया। तभी बाइक में पांच लीटर पेट्रोल डलवाया था। बाइक जब्त करने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। अभी तक खाता नंबर तक भी नहीं लिया गया है और जब डौला में स्क्रैप सेंटर पर पेट्रोल लेने के लिए पहुंचे तो देने से मना कर दिया गया। -डॉ. प्रवीण शर्मा, दुड़भा
बाइक को जब्त करने से पहले संभागीय परिवहन विभाग से कोई नोटिस नहीं आया है। 17 सितंबर को राष्ट्र वंदना चौक से बाइक को जब्त कर लिया गया। बाइक में चार लीटर पेट्रोल था। बाइक जब्त होने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग के अफसरों ने अभी तक खाता नंबर भी नहीं लिया है और स्क्रैप सेंटर से पेट्रोल वापस नहीं दिया गया। -जयदीप सिंह, पुराना कस्बा बागपत
वर्जन
यदि किसी वाहन मालिक को पेट्रोल व डीजल वापस लेना है तो स्क्रैप सेंटर से मिल जाएगा। वाहन जब्त करने के बाद सभी को एक पर्ची दी गई है और वह अपना खाता नंबर कार्यालय में आकर दें ताकि उनके खाते में समय से रुपये भिजवाए जा सकें। वर्तमान में वाहन जिसके नाम है, उसके ही खाते में रुपये जाएंगे। -विपिन कुमार, एआरटीओ