खेकड़ा (बागपत)। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती में पानी की बचत करने के साथ ही स्टाल के माध्यम से किसानों को नई तकनीक की जानकारी दी। साथ ही प्लास्टिक मुक्त भारत एवं नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ ली।
बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित किसान मेला एवं गोष्ठी कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीओ पीसी जायसवाल ने किया। इस दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर कहा कि गांधी जी के सादे जीवन व उच्च विचार के संदेश को धारण करना होगा। शास्त्री जी के जय जवान जय किसान के नारे को याद दिलाया। तत्पश्चात मत्स्य विभाग के डॉ. धर्मवीर सिंह ने किसानों को पानी की बचत कर मछली पालन की जानकारी दी। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. आरके नरेश ने जल बचाने के लिए परंपरागत खेती में बदलाव पर बल दिया। कहा कि धान व गन्ना कम नहीं करना है। बस सिंचाई के तरीके बदलने हैं। जैविक खेती को समझना होगा। गन्ने के साथ प्याज, लहसुन की खेती करने से पानी की खपत में कमी आएगी।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार ने फल और सब्जियों की संस्तुत मात्रा को बताते हुए कहा कि आरके वीवाई के अंतर्गत एक से पांच बीघा वाले किसानों को सब्जी के बीज खरीदने पर रसीद उपलब्ध कराने पर डीबीटी के माध्यम से उसके खाते में जमा कराते हैं। ग्लेडुलस, रजनी गंधा का प्रति बल्ब एक रुपये की दर से उपलब्ध है। 20 एचपी से कम मशीन पर 75000 रुपये अनुदान दिया जाएगा। किसान लहसुन, प्याज व धनिया के बीजों के लिए आवेदन कर सकते हैं। चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान के प्रवीण मलिक ने कहा हरियाणा के किसान वैज्ञानिक खेती में हमारे किसानों से आगे हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन रखने के तीन सूत्र है। चारा, नस्ल और देखभाल यानि टीकाकरण, इनको अपनाकर बेहतर पशुपालन कर परिवार की आय बढ़ाई जा सकती है। टीकाकरण न कराने से खुरपका मुंहपका रोग से भारी नुकसान है। कृषि अधिकारियों ने किसानों को अपने देश को प्लास्टिक मुक्त और नशा मुक्त कराने की शपथ दिलाई। इसमें गन्ना, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, नवोदय लोक चेतना, पेट्रोलियम संरक्षण एवं अनुसंधान संस्थान दिल्ली, कृषि रक्षा विभाग आदि ने स्टाल लगाकर किसानों को जानकारी दी। इस दौरान किसान सुरेंद्र यादव, देशवीर सिंह नैन, नरेश सिरोही, देवेंद्र धामा आदि ने भी विचार रखे। केंद्र प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल एवं मेला संयोजक डॉ. संदीप चौधरी ने आगंतुकों का आभार जताया। इसमें डॉ. भूपेंद्र, डॉ. सरिता जोशी, डॉ. अमित, डॉ. रविंद्र, उत्तम सिंह आदि मौजूद रहे।