विज्ञान ने भी माना धर्मों में है महाविज्ञान : राम रहीम
बिनौली (बागपत)। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम महाराज ने कहा कि धर्मों में महाविज्ञान है, धर्म ही दुनिया का सबसे बड़ा विज्ञान है, उन्होंने कहा कि आज धर्मों में जो लिखा है उसे विज्ञान अनुसरण साइंस कर रहा है।
उन्होंने शनिवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो के माध्यम से आमजन व युवा पीढ़ी को धर्म के बारे में संदेश देते हुए कहा कि हमारे संत महापुरुषों ने सारा जीवन जंगलों में बिता दिया। हमारे लिए, समाज के लिए उन्होंने जो कहा सब सत्य है। उन्होंने कहा कि पवित्र वेद ही सबसे पुरातन ग्रंथ हैं, जिनमें लिखा है लाखों चंद्रमा हैं, लाखों सूर्य हैं, लाखों नक्षत्र, ग्रह हैं, लेकिन यह बात कोई मानने को तैयार नहीं। अब विज्ञान कहता है कि थोड़े से क्षेत्र में ही लाखों चंद्रमा, सूरज पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र गीता, महाभारत में लिखा ज्ञान भी सत्य है। हमारे धर्म महाविज्ञान हैं, हमारे पवित्र ग्रंथ शत प्रतिशत सच थे, सच हैं, सच रहेंगे।
उन्होंने कहा कि ग्रंथों में लिखा है कि आपके अंदर आत्मबल है तो आप दुनिया में सुखी रह सकते हैं, बीमारियों से बच सकते हैं, आत्मबल बढ़ाने के लिए आत्मचिंतन करना पड़ता है और आत्मिक चिंतन के लिए ओम, हरि, अल्हा, वाहेगुरु का नाम लेना पड़ता है। धर्म जोड़ना सिखाते हैं तोड़ना नहीं। आश्रम में शनिवार को भी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से सेवादार सेवा करने पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर आश्रम के प्रत्येक गेट पर पुलिस फोर्स तैनात रही।