बागपत। ओढ़ापुर गांव में वाटर कूलरों के नाम पर लाखों का घोटाला सामने आया है। पंचायत सचिव ने वाटर कूलर के नाम पर केवल टिन के डब्बे लगवा दिए, क्योंकि उनमें आरओ तक नहीं लगे हैं। अब डीपीआरओ अरुण अत्री ने पंचायत सचिव गंगा राम को नोटिस जारी किया है। डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को भेजे नोटिस में कहा कि डीएम के आदेश पर डीडीओ तथा अधिशासी अभियंता जल निगम ने ओढ़ापुर गांव में विकास कार्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट दी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि स्कूल परिसर, मंदिर परिसर तथा मस्जिद परिसर में बिना आरओ वाले वाटर कूल लगा दिए।
प्रत्येक वाटर कूलर की खरीद पर 1,17,292 रुपये की दर से ग्राम पंचायत का बजट खर्च किया गया जो बाजार दर से बहुत ज्यादा है। जांच टीम को काफी दिनों बाद भी निविदा छोड़ने के लिए लगाए लिफाफे बिल्कुल नए तथा बिना बंद किए हुए मिले। इससे निविदा संदिग्ध मिली। कृष्णा इंटर प्राइजेज के पक्ष में तब निविदा छोड़ी गई, जब उसका पंजीकरण खत्म हो चुका था।
जांच अधिकारियों को गजब बात यह मिली कि कागजों में निविदा छोड़ने की तिथि अलग-अलग दर्ज मिली। तीन हैंडपंप रिबोर कराने के नाम पर भी 1.94 लाख रुपये का खेल किया गया है। गांव में सीसी रोड, पंचायत घर में कैमरे का निर्माण आदि में भी लाखों रुपये का खेल किया गया है। गांव का कूड़ा-कचरा ढोने के लिए खरीदी गई ई-रिक्शा प्रधान के व्यक्तिगत कार्य में लगी मिली। डीपीआरओ अरुण अत्री का कहना है कि पंचायत सचिव गंगाराम को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।