बड़ौत। मोहल्ला पट्टी मेहर में रविवार को सावित्री बाई फूले का 190वां जन्मदिवस मनाया गया। सैनी समाज के लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर एकदूसरे का मुंह मीठा किया। साथ ही सावित्री बाई फूले के पदचिह्नों का अनुसरण करने का संकल्प लिया।
श्याम सिंह सैनी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में सुंदरपाल सैनी ने कहा कि सावित्री बाई फूले समाज के मजबूर व गरीब लोगों की आवाज थी। युवाओं को उनके पद चिन्हों पर चलने की आवश्यकता हैं। उन्होंने बताया कि तीन जनवरी 1831 में महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में सावित्रीबाई फूले का जन्म हुआ था। 1940 में ज्योतिराव याने ज्योतिबा फूले से उनका विवाह हुआ था। वह पुणे में 1848 में कन्या स्कूल खोलने वाली और टीचर्स-पैरेंट्स मीटिंग शुरू करने वाली देश की पहली महिला थीं। संजय सैनी ने कहा कि सावित्रीबाई फूले समाज में जो बदलाव की लकीर खींची थी, उसे और आगे तक बढ़ाने का हमें संकल्प लेना होगा। इस अवसर पर शीशपाल सैनी, अनिल सैनी, संजय सैनी, नितिन सैनी, गोविंद सैनी, गौरव सैनी, बिट्टू, भावना, पारुल आदि मौजूद रहे।