बड़ौत। रालोद सु्प्रीमो चौधरी अजित सिंह का क्षेत्र से गहरा नाता रहा है। यही कारण था कि जब भी समय मिलता था दौडे़ चले आते थे। इसके चलते लोगों का उनसे काफी जुड़ाव था। वह आखिरी बार बीती 27 फरवरी को बामनौली गांव के जवाहर इंटर कॉलेज में राजा सलक्षणपाल के जन्म जंयती समारोह में आए थे। उन्होंने यहां कहा था कि जमीन किसानों का स्वाभिमान है। केंद्र और प्रदेश की अंधी व बहरी सरकार को न किसानों की चिंता है और न ही मजदूरों की।
चौधरी अजित सिंह ने पिता एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के नक्शे कदम पर चलकर किसानों, मजदूरों व युवाओं की आवाज बुलंद कर राजनीति में अलग छवि बनाई। उन्होंने किसान एवं मजदूर की राजनीति की। उन्हें बड़ौत व छपरौली से काफी लगाव था। इसलिए वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में चौधरी अजित सिंह छपरौली में तीन अप्रैल को आए थे। इसके बाद सात अप्रैल को जाट कॉलेज के मैदान में जयंत चौधरी के समर्थन में हुई रैली को संबोधित किया था। आखिरी बार चौधरी अजित सिंह 27 फरवरी को बामनोली के जवाहर इंटर कॉलेज में किसान महापंचायत को सम्बोधित करने आए थे।