बड़ौत। नगर के प्रमुख रिम-धुरा उद्योग पर इस समय कोरोना संकट के बादल मंडरा रहे है। फैक्ट्रियों में करोड़ाें रुपयों का माल तैयार है, लेकिन कोरोना वायरस के असर के चलते नेपाल, बंगलादेश, श्रीलंका सहित अन्य देशों के अलावा अन्य राज्यों मेें सप्लाई नहीं हो पा रहा है। इससे हर माल करीब पांच करोड़ का नुकसान उद्यमी झेल रहे है। इन हालातों में उद्यमियों के माथे पर चिंता की लकीरें छाई है।
नगर में रिम-धुरा की करीब 110 फैक्ट्रियां है। देश में फैली कोरोना महामारी के चलते अधिकांश फैक्ट्रियों पर ताला लटक गया था और कामगार अपने घर लौट गए थे। 22 मई को प्रशासन से फैक्ट्रियों को चलाने की अनुमति मिल गई थी। मगर, कच्चे माल व कामगारों की भारी कमी के कारण दोबारा से उत्पादन शुरू करने में उद्योगपतियों को एड़ी चोटी तक दम लगाना पड़ा था। फिलहाल अनलॉक-वन में उद्योग पटरी पर आ तो गया है और कागमारों की कमी भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अब फैक्ट्रियों में तैयार करोड़ों रुपये का माल बाहर सप्लाई नहीं हो पा रहा है। उद्यमियों की मानें तो यहां से माल गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, यूपी, छत्तीसगढ़, बिहार के अलावा नेपाल, बंगलादेश, श्रीलंका और अन्य देशों में सप्लाई होता है। अब माल भी तैयार है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते सप्लाई नहीं हो पा रही है। इससे उद्यमी परेशान है।
हर माह पांच करोड़ का हो रहा नुकसान
बड़ौत। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के जिला कोआर्डिनेटर डॉ. योगेश जिंदल का कहना है कि एक दर्जन से अधिक उद्योगपतियों का माल नेपाल, बंगलादेश, श्रीलंका के अलावा अन्य कई देशों में सप्लाई होता है, लेकिन कोरोना संकट के चलते माल बाहर नहीं जा पा रहा है।