बागपत। खेकड़ा के पट्टी मुंडाला की सेवानिवृत्त शिक्षिका बेनी देवी (74) बृहस्पतिवार सुबह को काठा गांव में यमुना नदी किनारे हो रही दलदल में धंस गईं। तभी आसपास खेत में काम कर रहे किसानोंं ने उनको किसी तरह बाहर निकाला और जिला अस्पताल लेकर जाने लगे मगर रास्ते में उनकी मौत हो गई।
काठा गांव में कुछ किसान बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे यमुना किनारे अपने खेतों में काम कर रहे थे, तभी एक बुजुर्ग महिला यमुना नदी की तरफ जाती हुई दिखाई दी। यमुना किनारे बनी दलदल में बुजुर्ग महिला धंसने लगी। उसे देखकर खेतों में काम करने वाले किसान दौड़ पड़े मगर तब तक वह सिर तक धंस चुकी थी। उनको किसानों ने कड़ी मशक्कत के बाद दलदल से बाहर निकाला। उनकी हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले जाने लगे लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
वहां आए पुलिसकर्मी जानकारी जुटाने के बाद मृतका की पहचान करने में जुट गए और महिला के फोटो खींचकर आसपास के थानों में भी भेजे। तभी खेकड़ा से एक बुजुर्ग महिला के बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे गायब होने की जानकारी मिली। खेकड़ा थाने में तैनात पुलिसकर्मी ने महिला के दामाद सुरेंद्र को फोटो दिखाकर उनकी पहचान कराई। मृतका की पहचान खेकड़ा की पट्टी मुंडाला निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका बेनी देवी के रूप में हुई। जांच अधिकारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि मुंह में पानी जाने से महिला की मौत हुई है।