बुखार से सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और दरोगा समेत छह की मौत
बुखार ने बरपाया कहर, परिजनों में मचा कोहराम
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा/चांदीनगर/बालैनी। खेकड़ा, चांदीनगर और बालैनी क्षेत्र में बुखार से छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों मेें सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और दरोगा भी शामिल थे। सभी के परिजनों में कोहराम मचा है।
रटौल निवासी जाहिद (39) को पिछले तीन दिनों से बुखार था। उसका इलाज खेकड़ा के चिकित्सक के पास चल रहा था। तबियत खराब होने पर लोनी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। ताऊ के बेटे रहीस ने बताया कि जाहिद को बुखार और पेट में दर्द की शिकायत थी। शुगर के मरीज भी थे। रोजे रखने से उनकी तबियत और ज्यादा खराब हो गई थी। परिवार में पत्नी, तीन बेटी और दो बेटे हैं।
उधर, फुलेरा निवासी सेवानिवृत्त दरोगा रामानंद (65) तीन दिन से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों के मुताबिक उन्हें ब्लड प्रेशर व दिल संबंधी बीमारी भी थी। उनकी भी मौत हो गई।
खेकड़ा के मोहल्ला गिरधरपुर निवासी जयप्रकाश (75) की भी मौत हो गई। उन्हें चार दिन से बुखार था। परिजन निजी चिकित्सक से उनका उपचार करा रहे थे।
इसके अलावा खेकड़ा के नालापार बस्ती निवासी नफीसा (56) की भी रविवार सुबह बुखार से मौत हो गई। बालैनी क्षेत्र के मवीकलां गांव निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हरेंद्र (45) को बुखार होने पर बड़ौत के अक्षय नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सभी मृतकों को अंतिम संस्कार और दफीना कर दिया गया।
बेटी की डोली से पहले उठी पिता की अर्थी
बालैनी क्षेत्र के गांव सांकलपूट्ठी में बेटी की डोली उठने से चंद घंटे पहले पिता की मौत हो गई। पिता का अंतिम संस्कार होने के बाद गमगीन माहौल में शादी की रस्में पूरी कर बेटी को विदा किया गया।
सांकलपूट्ठी निवासी कृष्ण (50) हरियाणा में कपड़े का कारोबार करते थे। रविवार को उनकी बेटी शिवानी की शादी थी। गाजियाबाद से आने वाली बरात के स्वागत की घर में तैयारी चल रही थी। तीन-चार दिन पूर्व ही कृष्ण गांव आए थे। यहां जानलेवा बुखार ने जकड़ लिया। गांव के चिकित्सकों से दवा ली, लेकिन आराम नहीं मिला। तबियत ज्यादा बिगड़ने पर अग्रवाल मंडी टटीरी के सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी मातम पसर गया। कृष्ण का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद गाजियाबाद से पांच लोग बरात में आए और शादी की रस्में पूरी कराकर शिवानी को विदा कराकर ले गए।