बागपत। विद्यार्थियों की शिक्षा की स्थिति पर शोध किया जाएगा और शिक्षण गतिविधियों को उसके आधार पर बढ़ाया जाएगा। इसके लिए शासन ने जिले को 38 लाख रुपये का बजट जारी किया है। शोध व शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों से एक-एक शिक्षक को शामिल किया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को निपुण करने, शब्दों का ज्ञान, गणित व विज्ञान की भाषा का ज्ञान कराने सहित अन्य कार्य कराने के लिए बड़ौत डायट को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद ने बजट जारी किया है। इसमें शैक्षिक प्रशिक्षण एवं गतिविधियों के लिए 25 लाख रुपये, शोध अध्ययन के लिए तीन लाख रुपये, आकस्मिक व्यय पर दस लाख रुपये खर्च किए जा सकते हैं। बजट मिलने के बाद डायट से कार्य योजना तैयार कराई जा रही हैं, ताकि जून माह से विभिन्न गतिविधियों पर कार्य शुरू किया जाएगा।
शोध और शिक्षण गतिविधियों के कार्य में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालय के साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। शिक्षकों का चयन होने के बाद बीईओ, डायट प्रवक्ता व एआरपी उन्हें प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण के बाद हर माह बैठक होगी और शिक्षकों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करके हर महीने शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान निदेशक गणेश कुमार ने सभी डायट प्राचार्य को पत्र भेजकर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए है। डायट प्रवक्ता गीता राठी ने बताया कि जून माह से कार्य शुरू किया जाएगा और इसकी तैयारी की जा रही है।