बागपत। जिले के नौ हजार 228 किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में अपात्र मिले हैं। इनसे तहसील स्तर से रिकवरी कराई जाएगी। धनराशि नहीं लौटने पर विभागीय कार्रवाई होगी। किसान स्वेच्छा से कृषि विभाग के कार्यालय में धनराशि जमा करा सकते हैं। जिले के दो किसानों ने 16-16 हजार रुपये जमा करा दिए हैं।
लघु व सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया था। इसके अंतर्गत किसानों को साल में तीन किस्तों में छह हजार रुपये बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाते हैं। जिले के एक लाख 13 हजार 998 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। जांच में नौ हजार 228 किसान अपात्र मिले हैं। इनमें पति-पत्नी, डॉक्टर, सरकारी नौकरीपेशा, वकील, इंजीनियर, पूर्व सैनिक व रिटायर्ड कर्मचारी हैं। इनके खातों में लाखों रुपये भेजे जा चुके हैं। कृषि विभाग के अनुसार जिले में लगभग पांच सौ किसान ऐसे है, जो पति-पत्नी होने के बावजूद योजना का लाभ ले रहे हैं। पांच सौ पूर्व सैनिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी और दो हजार आयकरदाता, चिकित्सक, इंजीनियर, अधिवक्ता व अकाउंटेंट योजना का लाभ ले रहे हैं।
स्वेच्छा से धनराशि वापस कर सकते हैं
उपकृषि निदेशक प्रशांत कुमार का कहना है कि शासन ने अपात्रों से रिकवरी के निर्देश दिए हैं। धनराशि जमा न करने वाले किसानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किसानों को स्वेच्छा से योजना की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए हैं।
दो किसानों ने लौटाए 32 हजार रुपये
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत अपात्र होने के बावजूद लाभ लेने वाले दो किसानों ने कृषि विभाग के कार्यालय में 16-16 हजार रुपये लौटा दिए हैं।
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अपात्रों पर कार्रवाई होगी
जांच में सम्मान निधि लेने वाले 9228 किसान अपात्र मिले हैं। इनकी सूची तैयार कर तहसीलों के माध्यम से रिकवरी की जाएगी।-प्रशांत कुमार उपकृषि निदेशक