परिजनों ने शोर मचाया और बच्चों को बंदरों से बचाया, इसके बाद उन्हें निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। घटना से पूरे गांव में भय का माहौल है।
ग्रामीण विनोद शर्मा, सूरजपाल, दिनेश शर्मा आदि का कहना है कि बंदरों की संख्या बहुत अधिक हो चुकी है। बताया कि शहरों से बंदर पकड़कर ईपीए क्षेत्र में छोड़े जाते हैं, लेकिन यह बंदर गांवों की ओर रुख कर लोगों को परेशान कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाकर गांव को इस संकट से मुक्ति दिलाई जाए।