बागपत: रटौल के मुख्यद्वार को सील करवाते सीओ दिलीप सिंह व एसडीएम राजपाल सिंह
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चांदीनगर (बागपत)। आम की मिठास के लिए दुनियाभर में पहचान रखने वाले रटौल को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सील कर दिया गया है। पुलिस और पीएसी तैनात है। मदरसे में रहे चार नेपाली जमातियों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद गांव हॉटस्पॉट बन गया है। डीएम और एसपी के नेतृत्व में गांव को सैनिटाइज किया गया। गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। गांव के हर रास्ते पर पुलिस तैनात है।
नेपाली जमातियों के कोरोना पॉजेटिव पाए जाने के बाद रटौल गांव के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि गांव में लॉकडाउन का शत प्रतिशत पालन कराया जा रहा है। शुक्रवार को रटौल की सीमाओं को सील कर पीएसी तैनात कर दी है। गांव के लोगों का बहार जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है और बहार से आने वाले को भी रोका जा रहा है। एसडीएम राजपाल सिंह ने कहा कि व्यवस्थाएं दुरुस्त रहेंगी। गांव के हर रास्ते पर पुलिस तैनात है।
क्या है मामला
बागपत। निजामुद्दीन मरकज से रटौल गांव में 19 मार्च को नेपाल के 17 जमाती पहुंचे थे। खेकड़ा एसडीएम राजपाल सिंह और सीओ दिलीप सिंह ने इन जमातियों को बालैनी के श्री कृष्णा महाविद्यालय के क्वारंटीन सेंटर भेजा था। रैंडम जांच में एक जमाती कोरोना पॉजिटिव मिला था। इसके बाद अन्य जमातियों की जांच हुई, जिनमें कुल चार जमाती पॉजिटिव मिल चुके हैं।
रटौल को बचाने के लिए घर में रहिए
बागपत। डीएम शकुंतला गौतम ने बताया कि गांव में 28 मोहल्ले और 15 वार्ड हैं। सफाई अभियान में 50 सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की सात टीम घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। लोगों को घर पर ही सामान पहुंचाने के लिए 12 गाड़ियों से होम डिलीवरी की जाएगी। दुकानदारों के नंबर जारी किए गए हैं।
लैप्स नहीं होंगे रुपये, अफवाह पर ध्यान न दें
बागपत। एसपी प्रताप गोपेेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। बैंक खातों से रुपये लैप्स नहीं होंगे। लोगों की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।