30 जून को बालिका से दुष्कर्म करने का लगा था आरोप, एक जुलाई को भेजा गया था जेल
खेकड़ा स्थित महामना मालवीय डिग्री कॉलेज में बनी अस्थाई जेल में रखा गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। थाना चांदीनगर के एक गांव के बालिका के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी ने शुक्रवार रात खेकड़ा स्थित अस्थाई जेल में फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उधर, मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उन्होंने इस घटना के लिए थाना चांदीनगर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।
थाना चांदीनगर के एक गांव में 30 जून को एक बालिका के साथ दुष्कर्म किया गया था। बालिका के परिजनों ने गांव के ही युवक सुशील पर आरोप लगाकर तहरीर दी। पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं के साथ ही पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करते हुए एक जुलाई को सुशील को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। जेलर आकाश शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से उसे खेकड़ा स्थित महामना मालवीय डिग्री कॉलेज में बनी अस्थाई जेल में रखा गया था। शुक्रवार की रात सुशील ने बैरक में ही अपने पायजामे से ही फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। उधर, घटना का पता चलने के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वह इसके लिए थाना चांदीनगर पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे है।
सुशील पर लगे झूठे आरोप, पुलिस ने किया टॉर्चर
चांदीनगर। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की शाम को सुशील का शव गांव पहुंचा। गमगीन माहौल में उसका दाह संस्कार कर दिया गया। सुशील के परिजनों का कहना है कि उस पर झूठे आरोप लगाए गए। पुलिस ने उसे बहुत टॉर्चर किया। इसी वजह से उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुशील की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जेल में होती रहती है हत्या और आत्महत्या की घटनाएं
बागपत जिला जेल शुरू से ही विवादों में घिरी आ रही है। नौ जुलाई 2018 को पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद गांव बसी निवासी ऋषिपाल की हत्या भी हो चुकी है। एक बंदी जेल की एंबुलेंस से फरार हो चुका है। सुशील कुमार सहित दो बंदी आत्महत्या कर चुके है। जेल प्रशासन फिर भी घटनाओं पर अंकुश के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है।