बागपत। रटौल की रहने वाली हेमा के पिता का बीमारी के चलते इंतकाल हो गया। कब्रिस्तान में गंदा पानी भरा होने के कारण शव घर में रखा रहा। मजबूर होकर दूसरे क्षेत्र में जाकर शव को सुपुर्द-ए-खाक किया। यह बात छात्रा को अखरी तो उसने डीएम से लेकर सीएम तक से कब्रिस्तान की भूमि की सफाई और जल निकासी कराने की मांग की।
16 वर्षीय हेमा रटौल निवासी है। जो शहर के एक स्कूल की कक्षा 12 की छात्रा है। छात्रा ने बताया उसका परिवार रटौल में रहता है। तीन अक्तूबर को उसके पिता नन्ना पुत्र अजीज की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। कब्रिस्तान में गंदा पानी और गंदगी होने के कारण शव को दफनाने के लिए जगह नहीं मिली। इस कारण उसके पिता का शव घर में रखा रहा। इससे परिवार परेशान हो गया। दूसरे क्षेत्र में जाकर कब्रिस्तान की भूमि में शव को दफनाने की इजाजत मांगी। इसके बाद शव को दफनाया।
उसने बताया पिता का शव घर में रखा होने के कारण यह बात उसके जहन में घर कर गई। उसने सोचा आज तो उसके परिवार को इस समस्या को झेलना पड़ा। आगे किसी ओर को इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए उसने अधिकारियों से मिलने का निर्णय लिया। बृहस्पतिवार को छात्रा ने कब्रिस्तान में भरे गंदे पानी और साफ-सफाई के लिए डीएम और सीएम को पत्र लिखा।
इसमें उसने अपनी पीड़ा बताई। छात्रा ने कहा यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसके विरोध में गांव और स्कूल की छात्राओं के साथ अधिकारियों से मिलेगी। इस समस्या का हर हाल में समाधान कराने का प्रयास करेगी। एसडीएम खेकड़ा आदित्य कुमार प्रजापति ने कहा मामले की जांच कराकर सफाई और जल निकासी कराई जाएगी।
उधर, ग्राम प्रधान के पति जाकिर खान ने बताया कब्रिस्तान की जल निकासी कराने की मांग को लेकर तहसील दिवस में जिलाधिकारी हृदय शंकर तिवारी से मिले,, लेकिन समस्या हल नहीं हो पा रही है। प्रशासनिक अनदेखी के बाद ग्रामीणों के सहयोग से ही साफ-सफाई और जल निकासी कराने का प्रयास होगा।