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बुरी संगति के कारण दुखी है मनुष्य

Fri, 07 Oct 2016 02:17 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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विहसंत सागर महाराज। - फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। विहसंत सागर महाराज ने कहा जिसकी जैसी मति होती है, उसकी वैसी ही संगति होती है और उसकी वैसी ही गति होती है।
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दिगंबर जैन अतिथि भवन में आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा काफी दुख और चिंता का विषय है कि आज इंसान को अच्छी संगति की जगह बुरी संगति की ओर अग्रसर हो रहा है। अच्छे संस्कारों की जगह बुरे विचार अपना रहा है। इंसान आज जुआ, शराब, चोरी व व्यसनों की तरफ जा रहा है। जब इंसान का समय खराब होता है तो वह भगवान की जगह बुरी संगति में जाता है।

उन्होंने कहा अपने ही घर में चोरी करता, शराब पीकर आता है। झगड़ा करता है घर में परिवार में कलह का वातावरण रहता है। गलत संगति के कारण सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म हो जाती है। अच्छे मित्र रिश्तेदार दूर होने लगते हैं। मुनि ने कहा  अच्छी संगति के कारण ही वाल्मीकि डाकू से महर्षि बाल्मीकि बन गए, इसलिए  हमेशा अच्छी संगति में बैठिये। इससे आपके जीवन में घर परिवार में सुख-समृद्धि का वास होगा तथा सामाजिक मान-मर्यादा बढ़ेगी।
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संचालन आर के जैन ने किया। इसमें नरेश चंद, जयप्रकाश जैन, अतुल जैन, वरदान जैन, मनोज जैन, इंद्राणी जैन, सुधा जैन, सीमा जैन आदि रहे। मीडिया प्रभारी संदीप जैन ने बताया 10 अक्तूबर को विहसंत सागर के पावन सानिध्य में अतिथि भवन में 24 घंटे का अखंड ण्मोकार महामंत्र जाप होगा।
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