कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों को बताया किसान विरोधी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी। रालोद के ‘चलों गांव की ओर’ कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यकर्ताओं ने कई गांवों में जनसंपर्क कर किसानों, मजदूरों को जागरूक किया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रालोद किसानों के साथ है।
रालोद नेता ओमबीर ढाका ने कहा कि प्रदेश में अपराध चरम पर है। महंगाई, गैस और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। भाजपा की सरकार किसान-मजदूर विरोधी है। तीन साल से सरकार ने गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया है। सोमवार को पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ढिकौली, पाबला, भगोट, विनयपुर, डगरपुर गांवों में जनसंपर्क कर लोगों को जागरूक किया। पूर्व कैप्टन राज सिंह, चरण सिंह गुर्जर, सचिन, अमित, आकाश बैंसला, सुशील बैंसला, योगेंद्र मौजूद रहे।
उधर, अग्रवाल मंडी टटीरी क्षेत्र के चोपड़ा महेशपुर गांव में हुई बैठक में तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया गया। रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष रामपाल धामा ने कहा कि जब तक तीनों कानून वापिस नहीं होंगे और एमएससी पर कानून नहीं बनेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में दिनेश त्यागी, नरेश त्यागी, प्रमोद त्यागी, रामकिशन त्यागी, मास्टर जनेश्वर त्यागी, राजेंद्र, गंगाराम त्यागी, निरंकार त्यागी मौजूद रहे।