- जिले में बृहस्पतिवार को 40 एमएम बारिश होने से खेतों में जलभराव, धान और सब्जियों की फसलों में 25 फीसदी नुकसान
- लाइनों में फाल्ट होने से 70 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही, अंडरपास व रास्तों में जलभराव के कारण लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यहां बृहस्पतिवार सुबह से देर रात तक हुई 40 एमएम बारिश से खेतों में खड़ी होने के साथ ही कटी पड़ी किसानों की धान की फसल डूब गई। जिस तरह से खेतों में पानी भरा है, इससे कटी पड़ी धान का दाना काला पड़ने व गलने पर 25 फीसदी तक खराब हो सकता है। इसके साथ ही खेतों में खड़ी धान व सब्जियों की फसल बारिश से काफी खराब हो गई।
यहां बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जो देर रात तक रुक-रुककर होती रही। बारिश होने से सबसे ज्यादा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस समय धान पककर तैयार है और अधिकतर जगह कटाई चल रही है। जिले में 25 फीसदी धान की फसल हवा चलने व बारिश के कारण गिरने व दाना टूटने से बर्बाद हो गई।
कृषि वैज्ञानिक डा़ॅ विकास मलिक ने बताया कि लंबे समय तक पानी में रहने से फसल सड़ने और दाना खराब होने का डर है। ऐसे में जहां धान कट चुकी है और वहां खेतों में पानी भर गया है तो सबसे ज्यादा उसके खराब होने का डर है।
वहीं खेतों में पानी भरने से लौकी, खीरा, गोभी, मूली, टमाटर आदि फसल नष्ट होने का खतरा बना हुआ है, क्योंकि पानी भरने से रोग लगना शुरू हो जाता है। लहचौड़ा निवासी किसान रवींद्र यादव की 12 बीघा में धान, शोभाराम की 25 बीघा में धान की फसल बारिश भीग गई। किसानों ने बताया कि इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
जलभराव व बत्ती गुल होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी
बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया और यहां बृहस्पतिवार को तापमान अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा। कई स्थानों पर जलभराव होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली, सूजरा आदि स्थानों पर अंडरपास में पानी भरने के कारण कई वाहन फंसे, जिनको ट्रैक्टर से खींचकर निकाला गया। वहीं तेज हवा चलने व बारिश के कारण 70 गांवों में लाइन में फाल्ट होने से बिजली गायब रही। इससे गांवों में अंधेरा छाया रहा। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बावली, बिनौली, हिसावदा, सिंघावली अहीर, डौला, अहैड़ा आदि गांवों में बिजली नहीं आने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
- तेज हवा व बारिश से खेतों में गिरी फसल
दोघट में बृहस्पतिवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में धान व ज्वार की फसल गिर गई है। किसान मनोज, नीरज, मुकेश, मिंटू आदि ने बताया कि बारिश के कारण दाहा, टीकरी, दोघट, हिम्मतपुर सुजती आदि गांवों में फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे कराकर नष्ट फसल का मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
- तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश होने से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे धान का दाना काला पड़ जाएगा और उत्पादन में कमी आएगी। - राजू, गौना
- 28 बीघा खेत में धान की फसल की बुवाई करने में एक लाख रुपये का खर्च आया था। कर्ज पर रुपये लिए थे, जिससे फसल बेचकर लौटाए जा सकें। धान की फसल खेत में गिर गई है। इससे पैदावार प्रभावित होगी और बाजार में दाम भी सही नहीं मिलेंगे। - चंद्रपाल यादव, लहचौड़ा
- 20 बीघा खेत में धान, मिर्च व खीरा आदि सब्जी की फसल पानी भरने के कारण खराब होने का खतरा बन गया है। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। - सुनील त्यागी, सिंगौली तगा
- 18 बीघा खेत में धान की फसल की कर्ज लेकर बुवाई की है। फसल तैयार खड़ी है, लेकिन बारिश व तेज हवाओं के चलते फसल में पानी भरने से खेतों में बिछ गई है। - जगन, सरफाबाद
वर्जन
- तहसील की राजस्व टीम के साथ खेतों का सर्वे कराया जाएगा और देखा जाएगा कि किस-किस किसान की फसल नष्ट हुई है। आंकलन करने के बाद शासन को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। - बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी
लहचौड़ा गांव में बारिश के दौरान धान की फसल को तिरपाल से ढकते किसान। संवाद