बारिश और ओलावृष्टि से ठंड बढ़ी, सहम गए किसान
बागपत। बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। जिले के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई है। जलभराव से मुश्किलें हुई। तौल केंद्रों दिनभर सूने पड़े रहे। चीनी मिलों में भी नो केन की स्थिति बन रही है। बारिश के कारण गेहूं की बुवाई 15 दिन लेट होगी। बारिश के साथ तेज हवा में गन्ने की फसल भी गिर गई।
बृहस्पतिवार देर रात तक बारिश होती रही। शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर के बाद बारिश हुई। जिले के पिलाना और लधवाड़ी क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई है। बारिश और ओले पड़ने से तापमान गिर गया, जिससे ठंड बढ़ गई। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण शहर से लेकर देहात तक जलभराव के हालात रहे। ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या भी कम रही। इसके अलावा बारिश के दौरान सड़कों पर वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। दुपहिया वाहनों के पहिए थम गए।
कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ गजेंद्र सिंह का कहना है कि गेहूं की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को झटका लगा है। कम से कम दस से 15 दिन गेहूं की बुवाई लेट होगी। ओलावृष्टि से सब्जी, गन्ने और गेहूं की फसल को नुकसान है।
स्कूलों में जलभराव, जर्जर है भवन
दोघट/दाहा। प्राइमरी पाठशाला नंबर दो भड़ल में जलभराव की समस्या बनी हैं। बारिश का पानी स्कूल में भर गया है। स्कूल का भवन भी जर्जर हाल में है, जो कभी भी गिर सकता है। इससे छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कमरों में भी पानी पहुंच गया है। ग्राम प्रधान देवेंद्र राणा, मास्टर सुखबीर सिंह, यशपाल सिंह, रमेश राणा ने बताया कि भवन भी कई वर्षों से जर्जर हाल में है। समस्या का समाधान नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। प्रधानाचार्य बबीता ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। जर्जर भवन कभी भी गिर सकता है। छात्र-छात्राओं को दूसरे भवन में बैठकर पढ़ाना पड़ रहा है। वही गांव में बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर भी बारिश का पानी भरा हुआ है। वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
तौल केंद्रों पर जलभराव
दोघट। गन्ना क्रय केंद्रों पर पानी भरने से गन्ना तौल भी प्रभावित हो रही है। क्षेत्र के गन्ना क्रय केंद्रों पर पानी भरा होने के कारण शुक्रवार को तौल नहीं हो पाई। इससे किसान परेशान बने है।
बारिश ने खोल दी सड़कों की पोल
बागपत। बारिश से जिले के विभिन्न मार्गों पर जलभराव के हालात बन गए। सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आने लगे। जलभराव में वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया।