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Rahul Murder: मां और उसके प्रेमी को सजा दिलाने में अहम रहा बेटे का बयान, जानें कोर्ट में क्या दी गवाही

Tue, 26 Aug 2025 02:44 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: देशखाप चौधरी सुरेंद्र तोमर के भतीजे राहुल की हत्या में उसकी पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। राहुल के इकलौते बेटे ने कोर्ट के सामने सारा सच बयान कर दिया, जो कि सजा दिलाने में अहम साबित हुआ। 
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राहुल की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देशखाप चौधरी सुरेंद्र तोमर के भतीजे राहुल की हत्या में उसके 16 वर्षीय इकलौते बेटे की गवाही अहम मानी गई। बेटे ने अपनी गवाही में मां प्रिया और पिता राहुल के बीच हुई मारपीट की घटनाओं के बारे में बताया। साथ ही यह भी बताया कि उसके सामने माता-पिता का झगड़ा हुआ, जिसमें उसके पिता राहुल कभी भी अपनी हत्या होने की बात कहते रहते थे।
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बड़ौत के शताब्दीनगर निवासी राहुल खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का गुजारा करता था। वह पांच भाइयों में सबसे छोटा था। राहुल की हत्या होने के बाद पुलिस ने खुलासा करते हुए उसकी पत्नी प्रिया को प्रेमी विकास के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पिता की हत्या और मां के जेल जाने के बाद उनका नाबालिग बेटा बुआ के पास रहने लगा। तब उसकी उम्र 12 साल थी, जो अब फैसले के समय 16 साल का है। 
 

इसमें पुलिस ने मृतक के बेटे के भी बयान दर्ज किए थे। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश किए गए दस गवाहों में उनका बेटा भी शामिल रहा। गवाही में उसने बताया कि उसके पिता राहुल को मां प्रिया और विकास के बारे में पता चल गया था, जिसका वह विरोध करते थे। उनके बीच इसलिए ही बार-बार झगड़ा होता था। 
 

हत्या से कई दिन पहले रात में उसके पिता ने प्रिया के साथ विकास से मिलने को लेकर मारपीट भी की। तब भी उसके पिता ने कहा था कि यह दोनों मिलकर उसको मार भी सकते हैं। इस मामले में न्यायालय ने उनके बेटे की गवाही को अहम माना है।
 

परिवार वालों ने सजा को लेकर जताई संतुष्टि
राहुल की हत्या में उसकी पत्नी प्रिया और प्रेमी विकास को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने पर परिजन संतुष्ट नजर आए। मृतक के परिजनों ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की तरफ से कई बार समझौता करने का दबाव भी बनाया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने सही फैसला सुनाया है। ऐसे अपराधियों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए, जिससे दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।
 

विश्वासघात से नहीं बच पाया राहुल
मृतक राहुल के बहनोई अनिल पंवार ने बताया कि राहुल को अपने साथ घटना होने का खतरा पहले ही महसूस हो गया था। इसको लेकर घर में विवाद भी बढ़ गया। इस दौरान प्रिया ने विश्वासघात कर उसे खाने में नशीली गोलियां खिला दीं और वह बेहोश हो गया। उन्होंने बताया कि पत्नी के विश्वासघात से राहुल नहीं बच पाया। 
 
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फेसबुक से शुरू हुई थी बातचीत
रिश्तेदारों ने बताया कि प्रिया और राहुल अपने परिवार में काफी खुश थे, तभी फेसबुक पर प्रिया की मुलाकात अपने गांव के युवक से हो जाती है। दोनों आपस में बात करने लगते हैं। दोनों के बीच अनैतिक संबंध हो जाते हैं और इसका पता चलने पर राहुल ने विरोध किया तो प्रिया ने उसकी हत्या करा दी। प्रिया की करतूत से उसका नाबालिग बेटा भी अनाथ हो गया।
 
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