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दाखिल खारिज के पैसे मांगने पर अधिवक्ताओं में रोष

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बड़ौत तहसील में बैठक करते अधिवक्ता। - फोटो : BARAUT
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दाखिल खारिज के लिए सुविधा शुल्क मांगने पर वकीलों में रोष
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बड़ौत। तहसील में दाखिल खारिज की फाइलों के पैसे मांगे जाने पर अधिवक्ताओं ने बैठक कर रोष जताया। साथ ही तहसीलदार व नायब तहसीलदार के न्यायालयों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने की घोषणा की। इसके अलावा एसडीएम को ज्ञापन देकर वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया।
दरअसल, काफी दिनों से तहसील में दाखिल खारिज के मामलों की फाइलें नहीं निपटाए जाने और पैसा मांगने को लेकर अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को एल्डर कमेटी के सदस्य वेदपाल की अध्यक्षता व दीपक राठी के संचालन में बैठक हुई। काफी विचार-विमर्श के बाद अधिवक्ताओं ने कहा कि काफी समय से दाखिल खारिज की फाइलें अटकी पड़ी है। इसकी एवज में सुविधा शुल्क मांगे जा रहे हैं। बैठक में सर्वसम्मित से निर्णय लिया गया कि तहसीलदार प्रदीप कुमार व नायब तहसीलदार धर्मेंद्र के न्यायालयों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार किया जाएगा। इस संबंध में बोर्ड ऑफ रेवन्यू, मंडलायुक्त, प्रमुख सचिव को पत्र भेजे जाएंगे। वहीं, अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मुलाकात कर उनके तबादले की मांग करेगा। इसको लेकर वकीलों ने इस संबध में एसडीएम दुर्गेश मिश्र को भी ज्ञापन दिया। इस अवसर पर रविंद्र राठी, ईश्वर सिंह, विनेश तोमर, तेजवीर सिंह, संजीव, वेदपाल सिंह, सोहनवीर, रूपेश तोमर, विरेंद्र शर्मा, ओमपाल, यशवीर चौहान आदि उपस्थित रहे।
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तहसीलदार ने आरोप को किया खारिज
बड़ौत। तहसीलदार प्रदीप कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के आरोप गलत है। वकीलों का यह कदम दबाव बनाने की राजनीति है। किसी से कोई पैसा नहीं मांगा गया है। जांच के बाद दाखिल खारिज के जो नियम है उनकी फाइलें बनाई जा रही है।
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