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प्रचार सामग्री की कीमतों में इजाफा, प्रत्याशियों की बढ़ी मुश्किल

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बड़ौत ब्लॉक के बाहर चिन्ह सामग्री खरीदते प्रत्याशी। - फोटो : BARAUT
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प्रचार सामग्री की कीमतों में इजाफा, प्रत्याशियों की बढ़ी मुश्किल
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कागज, कपड़ा, स्याही आदि सभी पर महंगाई की मार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पंचायत चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को इस बार होर्डिंग्स, पोस्टर, पंफ्लेट आदि छपवाने के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। इन सभी सामग्री पर महंगाई की मार है।
प्रत्याशी अपना प्रचार करने के लिए पंफ्लेट, पोस्टर और होर्डिंग्स का सहारा लेते हैं। पोस्टर के लिए प्रयोग में होने वाला आर्ट पेपर सबसे अधिक महंगा हुआ है। इसकी कीमतों में 50 प्रतिशत तक की तेजी आ चुकी है। इसी तरह पंफ्लेट के लिए इस्तेमाल होने वाला कागज और होर्डिंग में प्रयोग होने वाला कपड़ा 33 प्रतिशत महंगा हो चुका है। वहीं छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही भी 25 प्रतिशत महंगी हुई है। इस कारण प्रिंटिंग प्रेस संचालकों का भी खर्चा बढ़ा है। वहीं आयोग द्वारा प्रत्याशी के लिए खर्च की जो सीमा निर्धारित की है, उसमें ही प्रचार को निपटाना उनके लिए चुनौती है।
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कारोबारी भी चिंतित
महंगाई के चलते कारोबारी भी चिंतित हैं, उन्हें भी अपेक्षाकृत कारोबार नहीं मिल पा रहा है। नेहरू रोड स्थित कारोबारी अंकित अग्रवाल ने बताया कि चुनाव के लिए प्रचार सामग्री पर महंगाई का असर होने से कारोबार प्रभावित हुआ है। चुनाव नजदीक हैं, लेकिन काफी कम प्रत्याशी ही अभी तक प्रचार सामग्री छपवाने के लिए आए हैं।
पुराने भाव वर्तमान भाव
पोस्टर आर्ट पेपर 60 रुपये किलो 90 रुपये किलो
पंफ्लेट कागज 300 रुपये रिम 400 रुपये रिम
स्याही 400 रुपये किलो 500 रुपये किलो
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