खेकड़ा के पास दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निरीक्षण करते एनएचएआई के अधिकारी
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- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से लोनी के खूजरी पुश्ते तक नेशनल हाईवे में गड्ढे होने से परेशान है कई गांवों के लोग
- कंपनी ने कुछ गड्ढे भरकर काम अधूरा छोड़ा, परियोजना निदेशक ने एक सप्ताह में काम पूरा करने के निर्देश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे 709बी में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई ) से लोनी के खजूरी पुश्ते तक गड्ढे भरने का कंपनी ने काम जरूर शुरू किया, लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया। इससे स्थानीय लोगों ने दोबारा से एनएचएआई के अधिकारियों से शिकायत की। इस पर परियोजना निदेशक ने कंपनी अधिकारियों को खूब फटकार लगाई और कार्य एक सप्ताह में पूरा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे से होकर जिले के हजारों लोग रोजाना नौकरी व कारोबार करने के लिए दिल्ली जाते है। इसके अलावा सिंघु बॉर्डर बंद होने के बाद से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल, जम्मू कश्मीर तक के वाहन ईपीई से आकर नेशनल हाईवे से दिल्ली जा रहे है। इस तरह करीब 80 हजार वाहन रोजाना नेशनल हाईवे से गुजरते है। मगर, ईपीई से लोनी तक करीब 15 किमी में 150 से ज्यादा गड्ढे थे। इससे लोगों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। इसके साथ ही सड़क किनारे के सांकरौद, डूंडाहैडा, हसनपुर मंसूरी, नूरपुर, सुभानपुर आदि गांवों के लोगों को सड़क पर धूल उड़ने व गड्ढे होने के कारण परेशानी बढ़ गई थी। इस सड़क को ठीक करने के लिए गड्ढे भरने का काम 15 दिन पहले शुरू जरूर हुआ, लेकिन उसको कंपनी ने अधूरा छोड़ दिया। इसकी शिकायत सुभानपुर के संजय त्यागी ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार से करते हुए कंपनी पर काम अधूरा छोड़ने का आरोप लगाया। इस पर परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने कंपनी के अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद मंगलवार को एनएचएआई के सीनियर इंजीनियर एके सिंह ने संजय त्यागी को अपने साथ लेकर हाईवे का निरीक्षण किया। कंपनी के अधिकारियों को एक सप्ताह में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए है।