बागपत के जिलाधिकारी से मिलने जाते ग्रामीण।
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बागपत में पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू होने के बावजूद अब तक कई गांवों में नक्शा तक पास नहीं हुआ है। इसके विरोध में 11 गांवों के किसानों ने डीएम से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान की मांग की।
सोमवार को किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष कृष्णपाल चेयरमैन के नेतृत्व में 11 गांवों के किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीएम हृदय शंकर तिवारी से मिलने पहुंचा। किसानों का कहना था कि पेरीफेरल एक्सप्रेसवे की निशानदेही का कार्य पूरा हो चुका है।
इसके बावजूद निशानदेही की आपत्तियां अब तक दूर नहीं की गई हैं। बड़ागांव में अब तक नक्शा नहीं है। यहां निर्माण कैसे होगा, इस पर संशय बना है। करीब छह माह से निशानदेही का कार्य चल रहा है, लेकिन पूरा नहीं किया जा सका है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि डीएम की अध्यक्षता में एनएचआई के अधिकारियों के साथ वार्ता में तय किया गया था कि एक्सप्रेसवे के अंतर्गत आने वाली ट्यूबवैलों को एनएचआई ही शिफ्ट कराएगा, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होेंने कहा कि एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो चुका है। ऐसे में किसानों के सामने संकट खड़ा है।
अदालत ने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे में अधिगृहीत भूमि का अवार्ड निरस्त कर दिया है। दोबारा बैठक कर अब तक अवार्ड की घोषणा नहीं हुई है। किसानों का कहना था कि उन्हें न्याय नहीं मिला तो संघर्ष किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सुखबीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, धर्मपाल और देवेंद्र सिंह आदि शामिल थे।