- ऑक्सीजन की किल्लत और आरटी पीसीआर जांच में देरी बनी वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना संक्रमण के बीच अब नॉन कोविड गंभीर मरीजों की जान पर भी आफत आने लगी है। ज्यादातर निजी अस्पताल नॉन कोविड मरीजों के उपचार से हाथ खींचने लगे हैं। ऐसे मामलों में अचानक से तेजी आई है। ऑक्सीजन की किल्लत और आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट में देरी इसका कारण बन रहे हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान पर बन रही है। जबकि तीमारदार उन्हें लेकर इधर से उधर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।
वेंडरों ने निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई की बंद
- देशभर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर हाहाकार मचा है। कुछ वेंडरों ने निजी अस्पतालों की सप्लाई रोक दी है या फिर काफी कम कर दी है। जिससे हालात बिगड़ने लगे हैं। अस्पताल का स्टाफ ऑक्सीजन सपोर्ट के जरूरतमंद मरीजों को वापस लौटाने लगा है। अग्रवाल मंडी टटीरी के निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार रात ऐसा ही हुआ। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को वापस लौटाया जाने लगा। बाद में जिला प्रशासन ने हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई।
आरटी पीसीआर जांच में देरी से भी बिगड रहे हालात
- कोरोना की आरटी पीसीआर जांच की रिपोर्ट देरी से आ रही है। जिले में रोजाना करीब 1500 जांच होती हैं। सैंपल नोएडा भेजे जाते हैं। वहां से रिपोर्ट आने में चार दिन लग रहे हैं। इस देरी की वजह से अस्पताल मरीजों को अपने यहां भर्ती नहीं कर रहे हैं। जिससे मरीजों की हालत और ज्यादा खराब हो जा रही है। आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट देरी से आने के दौरान कई बार संक्रमित यहां-वहां घूमते रहते हैं। जिससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है।
मानवीय संवेदना भी रखीं ताक पर
- महामारी के बीच कई अस्पतालों के प्रशासन ने मानवीय संवेदनाएं भी ताक पर रख दी हैं। रात के समय गंभीर मरीजों को भर्ती करना तो दूर उनके तीमारदारों से बात करने तक को तैयार नहीं हैं। बृहस्पतिवार रात दिल्ली रोड एक निजी हॉस्पिटल में ऐसा ही हुआ। परिजनों के लाख गुहार लगाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने गंभीर मरीज को भर्ती नहीं किया।
वर्जन :- इस तरह की अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि किसी अस्पताल के खिलाफ ऐसी शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरके टंडन, सीएमओ बागपत।