बड़ौत। जून में ग्राम पंचायतों का गठन होने पर प्रधानों को वित्तीय अधिकार मिलेगा। इसके बाद ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। शासन ने 14 वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों के खाते में धनराशि भेज दी है। इससे ग्राम पंचायतों में सफाई, सैनिटाइजेशन समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। ग्राम प्रधान, बीडीसी, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों का निर्वाचन हो चुका है। कोरोना को लेकर हालात काबू में होने पर ही जून माह में प्रधानों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद सचिवों के साथ ज्वाइंट बैंक एकाउंट भी खुलेगा। वैसे शासन से धनराशि 14 वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों के खाते में भेज दी गई है। प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 को समाप्त होने के बाद एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया गया था। उन्हें गांवों में विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन चुनाव में विकास कार्य ठप हो गए थे। जहां चल भी रहे, वहां रफ्तार काफी धीमी थी। ग्राम प्रधानों के हाथों में कमान आने के बाद विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
ये बोले बीडीओ
बीडीओ राहुल वर्मा ने बताया कि गांवों में सामुदायिक शौचालय, मिनी सचिवालय समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। प्रधान जब वित्तीय अधिकारों से लैस होंगे तो इन कार्यों में तेजी आएगी। दरअसल, एडीओ पंचायत के पास कई काम होते हैं। इसलिए ग्राम पंचायतों पर उतना ध्यान नहीं दे पा रहे। इसलिए विकास की रफ्तार धीमी है।