बड़ौत। घर में शादी सहित अन्य आयोजनों की बात आती है तो सबसे पहले हलवाई याद आते है। इन्हें बुक कर शादी में बनाने वाले मेन्यु तय किए जाते है। हलवाई भी बुकिंग मिलने के बाद अपने सहयोगियों को बुक करते है। मगर, कोरोना वायरस के कारण इस बार वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित हो गए है या फिर नवंबर-दिसंबर तक टल गए है। नतीजतन हलवाइयों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। इससे व्यथित होकर कई ने तो अपना पेशा ही बदल लिया है।
क्या कहते है हलवाई----
शादी कैंसिल, नहीं मिल रहा दूसरा काम
हलवाई सुनील का कहना है कि मार्च में रामनवमी के बाद से बुकिंग थी। इसके अलावा अप्रैल, मई में भी बुकिंग थी, लेकिन कोरोना के प्रकोप के चलते सभी कैंसिल हो गई। दूसरा काम भी नहीं है। ऐसे में घर चलाना तक मुश्किल हो गया है। अब सभी खाली बैठे है।
नवंबर-दिसंबर की शादियों पर निर्भर परिवार
हलवाई सोनू का कहना है कि शादियों में खाना व मिठाई बनाने के काम से घर का खर्च चलाता था, लेकिन लॉकडाउन के कारण सभी बुकिंग कैंसिल हो गई। अब नवंबर-दिंसबर में होने वाली शादियों पर सब कुछ निर्भर है। घर वालों के कहने पर कई बार समोसा या कचोरी बना लेते है।
बिना काम घर बैठे हो रही परेशानी
हलवाई हरपाल का कहना है कि मार्च से मई तक 15 से 20 बुकिंग थी, लेकिन अब सारी कैंसिल हो गई। एक बुकिंग में लगभग 30 आदमी रहते है। किसी के पास काम नहीं है। बिना काम के घर बैठे भी परेशान हो गए है। नवंबर-दिसंबर में मिलने वाली बुकिंग से उम्मीद है, लेकिन वह भी कब मिलेगी कुछ कह नहीं सकते।