-दोनों गांव के प्रधान समेत कई अन्य के कोरी जाति प्रमाणपत्र को डीएम व मंडलायुक्त ने किया था निरस्त
-दोनों प्रधानों को हटाने के लिए फाइल तैयार कर भेजी, डीपीआरओ के छुट्टी से आने के बाद होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जाति प्रमाणपत्र निरस्त होने के बाद अब लोयन व सूरजपुर महनवा गांव के प्रधान की कुर्सी जाएगी। इसके लिए जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। दोनों गांव के प्रधान सहित अन्य कई लोगों के कोरी जाति के प्रमाणपत्र डीएम व मंडलायुक्त ने निरस्त कर दिए थे। इसके बाद दोनों को हटाने की फाइल शुरू की गई।
लोयन गांव के प्रधान संत कुमार व सूरजपुर महनवा की प्रधान पिंकी ने हिंदू जुलाहा की जगह कोरी जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर चुनाव लड़ा था और दोनों प्रधान बन गए थे। इसके बाद कई लोगों ने तीन अक्तूबर 2022 को अधिकारियों से शिकायत कर बताया कि संत कुमार व पिंकी ने अपनी जाति बदलकर चुनाव लड़ा था। फिर एडीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई गई, जिसमें बड़ौत एसडीएम, बड़ौत तहसीलदार व जिला समाज कल्याण अधिकारी को शामिल किया गया था। जांच में इनके प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर निरस्त कर दिए गए थे। वहीं उनकी मंडलायुक्त के यहां अपील भी निरस्त कर दी गई थी। अब दोनों प्रधानों को हटाने के लिए फाइल शुरू की गई है, क्योंकि शासन से उनको हटाने के आदेश आ गए हैं। जल्द ही उनको हटाने का आदेश जारी किया जाएगा।
अलावलपुर व फतेहपुर चक के प्रधान की जांच जल्द होगी शुरू
अलावलपुर व फतेहपुर चक के प्रधान सहित अन्य गांव के प्रधानों की जांच करने के लिए जल्द ही समिति बनाई जाएगी। इसके लिए डीएम ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। अब इनकी जांच पूरी होने के बाद कुर्सी पर खतरा मंडारने लगा है। वहीं कई लोगों के जाति प्रमाणपत्रों को जांच के बाद निरस्त किया जाएगा।
सांकलपुट्ठी के साथ हो सकते हैं लोयन व सूरजपुर महनवा में चुनाव
सांकलपुट्ठी के प्रधान का बीमारी के कारण कई महीने पहले निधन हो गया था। इस कारण वहां प्रधान का पद खाली है। वहीं अब शासन से लोयन व सूरजपुर महनवा गांव के प्रधान को हटाने के आदेश आने के बाद फाइल शुरू कर दी गई है। इनको हटाने के बाद तीन गांवों में प्रधान के पद खाली हो जाएंगे। ऐसे में सांकलपुट्ठी के साथ ही लोयन व सूरजपुर महनवा में चुनाव कराए जा सकते हैं।
दोनों गांव के प्रधानों के जाति प्रमाणपत्र ठीक नहीं होने के कारण निरस्त कर दिए गए थे। इनको हटाने के लिए शासन से स्वीकृति मांगी गई थी, जो मिल गई है। अब उनको हटाने के लिए फाइल चलाई गई है, जिस पर मंजूरी मिलते ही उनको हटा दिया जएगा। -अरुण अत्री, डीपीआरओ