- गोवंशों की समस्या, गन्ना भुगतान, नलकूपों पर मीटर, नहरों की सफाई समेत अन्य मुद्दों को लेकर भाकियू का कलक्ट्रेट में धरना
- भाकियू नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, डीएम को समस्याओं का निस्तारण के लिए सौंपा ज्ञापन
फोटो- एक की सीरिज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भाकियू ने किसानों की समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट में मंगलवार को जुलूस निकाला और वहां धरना दिया। उन्होंने कहा कि यदि पंद्रह दिन में गोवंश नहीं पकड़े गए तो वे उनको सरकारी कार्यालयों में लाकर बांध देंगे। उन्होंने किसानों की 11 मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपकर निस्तारण की। साथ ही समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
भाकियू नेता व कार्यकर्ता जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में पहुंचे और वहां डीएम कार्यालय के सामने धरना देकर बैठ गए। उन्होंने ऊर्जा निगम पर ज्यादा बिल भेजने, नलकूपों पर जबरन मीटर लगाने का आरोप लगाया तो गोवंश को नहीं पकड़ने की समस्या उठाई। इसके अलावा किसानों के राजस्व रिकार्ड में गड़बड़ी को ठीक करने के लिए शिविर लगाने की मांग की। मलकपुर मिल से बकाया गन्ना भुगतान कराने, बड़ौत में अतिक्रमण हटवाने, मतदाता पहचान पत्र समय से बनवाने, किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने, किसानों पर किए जा रहे गलत मुकदमों को खत्म करने, किसानों का गन्ना बीज समय से दिलाने, सिंचाई विभाग से नहरों की सफाई कराकर समय से पानी छोड़ने की मांग को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान जब धरना-प्रदर्शन करता है तो उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं या फिर डरा धमकाकर शांत किया जाता है। भाकियू किसानों की समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा और हक दिलाकर रहेगा।
उन्होंने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को समस्याओं का ज्ञापन सौंपकर शीघ्र पूरा करने की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, इंद्रपाल सिंह, दिल्ली एनसीआर के महासचिव प्रदीप धामा, विनोद चौधरी, उपेंद्र, हिम्मत सिंह, भूरा, शिवदत्त शर्मा मौजूद रहे।
अफसरों को गोवंश पकड़ने का पंद्रह दिन का अल्टीमेटम
भाकियू नेताओं ने कहा कि गोवंश ने किसानों की मेहनत खराब कर दी है। खेतों में घुसकर किसानों की फसल नष्ट कर रहे हैं। किसानों को रात में खेतों में पहरा देना पड़ रहा है। कई स्थानों पर किसानों व लोगों को टक्कर मारकर घायल कर रहे है। चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में गोवंश नहीं पकड़े गए तो सभी गोवंश सरकारी दफ्तरों में बांध दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
रालोद राजनीतिक पार्टी, किसानों की हितैषी नहीं
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि रालोद सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी है। वह किसानों की हितैषी नहीं है। यदि किसानों की पार्टी होती तो समस्या का निस्तारण करने की तरफ ध्यान देती। कहा जो दल चुनाव में आ जाता है तो वह किसानों, गरीबों व मजदूरों से दूर हो जाता है। किसानों का हमदर्द सिर्फ भाकियू है और उनके लिए भाकियू आरपार की लड़ाई लड़ेगा।