बागपत। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक मानी जा रही है। इससे निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 20 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि जिला अस्पताल में बच्चों के लिए बनने वाले कोविड सेंटर में 40 बेड की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को प्रवाहित कर सकती है। इससे निपटने के लिए शासन से गाइडलाइन मिली है। इसके आधार पर ही व्यवस्था तैयार की जा रही है। जिला स्तर पर तैयारी शुरूकर दी है। फिलहाल जिला अस्पताल में 20 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का प्रस्ताव तैयार कर किया है। इसे 40 बेड तक बनाने की संभावना है।
चार चिकित्सकों पर रहेगा दारोमदार
जिले में चार बाल रोग विशेषज्ञ विशेषज्ञ हैं। इनकी तैनाती जिला अस्पताल में है। इन पर बच्चों के उपचार का पूरा दारोमदार रहेगा। किसी भी सीएचसी पर एक भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। इनके अभाव में बच्चों के उपचार के दौरान विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कुपोषित बच्चों में अधिक संक्रमण की आशंका
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजसिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण के बच्चों में भी समान लक्षण होने की आशंका है। कुपोषित व अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों में संक्रमण होने की अधिक आशंका होती है। तीसरी लहर को लेकर जिला अस्पताल में तैयारी शुरू की जा रही है। शासन की गाइड लाइन के अनुरूप उपकरणों की व्यवस्था कराई जाएगी।
तैयारियां तेजी से जारी
तीसरी लहर से निपटने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट निर्माण जारी है। फिलहाल 20 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। भविष्य में 40 बेड का वार्ड तैयार करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।-सीएमओ डॉ. आरके टंडन