बागपत। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में बड़ा घोटाला किया गया है। डूडा के अधिकारियों ने अनधिकृत कॉलोनियों व शत्रु संपत्ति पर योजना का लाभ देकर मकान बनवा दिए। अपात्रों की फाइलों पर धोखे से डीएम से हस्ताक्षर भी करा दिए। अनधिकृत कॉलोनियों में प्राधिकरण का बुल्डोजर चलने पर इसका खुलासा हुआ। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों से प्लेट हटवाई जा रही हैं।
गरीबों को पक्का घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी शुरू कराई थी। इसमें नगर निगम, नगर पालिका व पंचायत के क्षेत्र में गरीबों के मकान बनवाए जा रहे हैं। इस योजना के संचालन की जिम्मेदारी डूडा (जिला शहरी विकास अभिकरण) की है। डूडा के अधिकारियों ने इस योजना के सहारे घोटाला कर दिया। गरीबों को भले ही इस योजना का लाभ न मिला हो, लेकिन अपात्रों का खूब फायदा दिया गया। इसका खुलासा तब हुआ, जब डीएम ने विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से अनधिकृत कॉलोनियों में कराए जा रहे निर्माण पर बुल्डोजर चलवाया। यमुना खादर में काटी गई अनधिकृत कॉलोनी में बुल्डोजर चला तो यहां दस से ज्यादा ऐसे मकान मिले, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत बनवाया गया।
इसके साथ ही यमुना खादर में संपत्ति शत्रु संपत्ति में भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर मकान बनवा दिए। हालांकि उनमें रह रहे लोगों को प्राधिकरण ने मकान से सामान निकालने के लिए कुछ समय दिया है। इसका खुलासा होने पर डूडा अधिकारियों ने उन मकानों के बाहर लगी योजना की प्लेट हटवानी शुरू कर दी। इस तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर गड़बड़ी की जा रही है।
धोखे से अपात्रों की फाइल पर कराए हस्ताक्षर
डूडा के अधिकारियों ने इस मामले में डीएम को भी नहीं बख्शा। उन्हें भी धोखे में रखा। उन्होंने पात्रों की फाइल के बीच में अपात्रों की फाइल भी डीएम के पास भेजीं। डीएम ने अपने स्तर से कुछ फाइलों की जांच कराई तो वे सही मिलीं। इसके चलते उन्होंने सभी फाइलों पर हस्ताक्षर कर दिए। अब अनाधिकृत कॉलोनियों व शत्रु संपत्ति पर मकान बनवाए जाने का खुलासा होने पर हड़क़ंप मचा है।
वर्जन
प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने का मामला सामने आया है। पता चला कि अनधिकृत कॉलोनियों में नियमों का उल्लंघन कर मकान बनवाए गए हैं। इसलिए सभी मकानों की जांच कराई जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।-राजकमल यादव, डीएम
मकान से हटाई गई नेम प्लेट- फोटो : BAGHPAT