बागपत। महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का नमो ड्रोन दीदी योजना में चयन होगा। चयनित महिलाओं तथा सहायकों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण मिलेगा। ड्रोन खरीद पर 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
ड्रोन से फसल निगरानी तथा कीटनाशक एवं उर्वरक छिड़काव कर किराया वसूलने से न केवल महिलाओं की स्वरोजगार की राह आसान होगी, बल्कि किसानों के खेतों तक आधुनिक तकनीक पहुंचेगी।
सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। उप्र ग्रामीण अजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय ने सीडीओ को पत्र भेजकर नमो ड्रोन दीदी योजना में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं व सहायकों का चयन करने के लिए कहा है। ड्रोन के लिए दस-पंद्रह गांवों यानी कलस्टर स्तर पर महिलाओं व सहायकों का चयन होगा। महिलाओं को प्रशिक्षण बाद ड्रोन खरीद पर अनुदान मिलेगा।
ड्रोन से न केवल महिलाओं को स्वरोजगार के मौका मिलेगाए बल्कि फसलों की निगरानी कीटनाशक एवं उर्वरकों के छिड़काव आदि कार्य समय से होने से कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। ड्रोन तकनीक उपयोग कर कीटनाशकों एवं उर्वरकों का सटीक और कुशल तरीके से उपयोग हो सकेगाए जिससे खेती लागत कम होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूती होगी। ड्रोन उड़ाकर कृषि संबंधी कार्य से महिलाओं की मिनटों के हिसाब से अच्छी आमदनी हुआ करेगी। सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नमो ड्रोन दीदी योजना के संबंध में उपायुक्त स्वत: रोजगार को कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया है।