- महिलाएं मिट्टी के बर्तन बनाकर, सिलाई सेंटर से होने वाली कमाई से चला रही घर का खर्च
- शेरपुर गांव की पूनम 14 स्वयं सहायता समूह चलाकर निभा रहीं जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। शेरपुर गांव में कल्याणी महिला ग्राम संगठन की अध्यक्ष पूनम दिव्यांगता काे दरकिनार करते हुए महिला ग्राम संगठन समेत 14 स्वयं सहायता समूह चलाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं हैं। वह अब तक गांव की 200 से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ चुकीं हैं। ये महिलाएं अब मिट्टी के बर्तन बनाने के साथ ही सिलाई-कढ़ाई करने से होने वाली कमाई से अपने घर का खर्च उठा रही हैं।
पेशे से किसान पूनम देवी अपने घर-परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहीं हैं। एक हादसे में अपने सीधे हाथ का पंजा गंवा चुकीं पूनम 14 स्वयं सहायता समूहों और संगठनों की कमान संभाले हुए हैं। उनकी सक्रियता को देखते हुए ब्लाॅक स्तर पर मनरेगा के सोशल आडिट का कार्य भी उन्हें सौंपा गया। पूनम के जागरूक करने पर समूह से जुड़ी राजबाला व सुमन ने बताया कि वह बैंक से लोन लेकर गांव में ठेके पर जमीन लेकर उसमें खेती कर रही हैं, जिससे होने वाली आमदनी से घर का खर्च उठा रही हैं।
इस तरह ही अंशु शर्मा ने बताया कि सिलाई सेंटर खोलने से उन्हें गांव में ही रोजगार मिला है। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ा हुआ है, जिससे उनकी भी कमाई होती है। इनके अलावा सावित्री मिट्टी के बर्तन बनाकर उन्हें बेचकर परिवार चला रही हैं। इस तरह पूनम के सहयोग व जागरूकता के कारण करीब 200 महिलाओं को गांव में रोजगार मिला है।
- नवीन तकनीक से करती हैं खेती और कई बार हो चुकीं सम्मानित
पूनम अपने पति बिजेंद्र सिंह के सहयोग से अपनी जमीन में नवीनतम तकनीकों को अपनाते हुए सरसों, लेमन ग्रास, गेहूं, गन्ने की बुवाई करतीं हैं और अच्छी पैदावार लेकर अपनी आमदनी दोगुनी कर रहीं हैं। अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिल्ली में उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। कृषि विभाग की संस्तुति पर उन्हें प्रगतिशील किसान सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है।
रोजगार की राह दिखाकर महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर से संबंधित। अंशु