धुआं, धूल और धुंध... घुट रहा दम (हैडिंग)
धुआं, धूल और धुंध के कारण वेस्ट यूपी में लोगों का दम घुट रहा है। लग रहा है दीपावली पर आकाश में छोड़ी गई आतिशबाजी का धुआं वापस धरती पर आ रहा है। वातावरण में छाई धूल, सड़कों पर जाम और उसमें फंसे वाहनों से निकलता धुआं लोगों की आंखों में जलन पैदा कर रहा है। धुएं और धूल से बनी धुंध दिनभर छायी रही, हालात यह है कि सड़कों पर जाते ही आंखों से पानी निकलने लगता है। आंख, नाक, गले और सांस संबंधित रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
482 पहुंचा एक्यूआई, जहरीली हुई जिले की हवा
दिनभर छाया रहा स्मॉग, आंखों में हुई जलन और सांस लेना मुश्किल
बागपत। बागपत की हवा जहरीली हो गई है। रविवार को दिनभर स्मॉग छाया गया। लोगों का सड़कों से गुजरना दुश्वार हो गया। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। एक्यूआई 482 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया।
वातावरण में छाए स्मॉग की वजह दिवाली पर आतिशबाजी, फैक्ट्रियों का प्रदूषण, ईंट भट्ठों का धुआं और पराली जलाना है। बागपत में करीब 550 भट्ठे हैं, जिनमें से करीब 400 अवैध तरीके से संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा डीजल वाहनों से निकलने वाला धुआं भी हवा को खराब कर रहा है। जिले में बड़ी संख्या में पुराने वाहन हैं, जो धड़ल्ले से धुआं उगलते हुए चलते हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि ऐसे मौसम में गले की मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत का कहना है कि खांसी-जुकाम के मरीज तो दोगुने हो गए हैं।
तीन गुना हुए मास्क के दाम, केवल ट्रिपल लेयर वाला ही खरीदें
बागपत। स्मॉग के कारण मास्क की बिक्री बढ़ गई है। इसके दामों में भी तीन गुना तक का इजाफा हो गया है। मेडिकल स्टोरों पर मास्क लेने वालों की भीड़ सी लग रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सिंगल लेयर के बजाय डबल या ट्रिपल लेयर वाले मास्क का प्रयोग करें।
गैस चेंबर बने जिले में प्रदूषण रोधी मास्क ही सबसे उपयुक्त चीज है। ऐसे में सिंगल लेयर वाले मास्क की कीमत पांच रुपये से बढ़कर 15 रुपये हो गई है। 20 रुपये में मिलने वाला डबल लेयर मास्क 60 रुपये में बेचा जा रहा है। तीन लेयर वाला मास्क अब 75 नहीं, 125 रुपये में मिल रहा है। मेडिकल स्टोर संचालक अंशुधर भारद्वाज का कहना है कि पिछले चार दिन में मास्क की डिमांड बढ़ी है, जिस कारण दाम भी बढ़ गए हैं। बड़ौत में मेडिकल स्टोर संचालक दीपक ने बताया कि मास्क लेने के लिए ग्राहक लगातार आ रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत का कहना है कि सिंगल लेयर वाले मास्क प्रदूषण से नहीं बचा पाते। इसलिए डबल या ट्रिपल लेयर वाले मास्क खरीदें।
सिंगल यूज वाले मास्क न लें
कुछ लोग सर्जिकल में प्रयोग होने वाले मास्क खरीद लेते हैं। ये सिंगल यूज होते हैं, इनका प्रयोग केवल एक बार किया जाता है। उसके बाद फेंक दिए जाते हैं। रुमाल का प्रयोग भी प्रदूषण से बचाव के लिए नहीं करना चाहिए।
ट्रैफिक पुलिस की तर्ज पर पहनें एन 95 मॉस्क
ट्रैफिक पुलिस तीन लेयर वाले एन-95 मास्क का प्रयोग करती है। यह बेसिक प्रदूषण प्रतिरोधी मास्क होता है। 95 फीसदी तक प्रदूषण को फिल्टर करता है। यह मास्क धूल के कणों में सूक्ष्म तौर पर मौजूद पीएम 2.5 के कणों को फिल्टर करता है। बाजार में इसकी कीमत 100 लेकर 150 रुपये तक है। यह मास्क भी रोज इस्तेमाल करने पर केवल तीन दिन ही चलता है, लेकिन काफी कारगर होता है।