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सांसद के सामने खुली अफसरों के घपलों की पोल

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बागपत कलक्ट्रेट में आयोजित दिशा की बैठक लेते सांसद डॉ.सत्यपाल सिंह - फोटो : BAGHPAT
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- कलक्ट्रेट में दिशा की बैैठक में डूडा की परियोजना अधिकारी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप, सांसद ने पूरा रिकार्ड मांगा
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- सीडीओ पर भड़के सांसद ने गांवों में निरीक्षण के लिए जारी सभी पत्र और निरीक्षण की रिपोर्ट तलब की गई
- डीएसओ, बीएसए, ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर भी आरोप लगने पर जवाब तलब किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनपद के अधिकांश सरकारी विभागों में किस तरह से घपले चल रहे है, मंगलवार इनकी पोल को सांसद डा. सत्यपाल सिंह के सामने खुल गई। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सांसद कई अधिकारियों पर भड़क गए और पूरा रिकार्ड तलब किया है। सांसद ने डूडा की परियोजना अधिकारी और सीडीओ को सबसे ज्यादा आड़े हाथों लिया। इनके अलावा डीएसओ, बीएसए, ऊर्जा निगम के अधिकारी भी निशाने पर रहे।
कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को सांसद डा. सत्यपाल सिंह की अध्यक्षता में दिशा की बैठक हुई। सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर ने डूडा में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। इस पर सांसद ने परियोजना अधिकारी से पूरा रिकार्ड मांगा है कि कितने मकान अभी तक बनवाए गए है। इसके साथ ही अपात्रों को रुपये जारी होने पर पिछली बैठक में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, इसका रिकार्ड भी मांगा है। ऊर्जा निगम में जेई और लाइनमैनों पर गांवों में छापा मारने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली करने का आरोप लगाए गए। इस पर सांसद ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई और जेई व लाइनमैनों की जांच कराने के निर्देश दिए गए। स्वयं सहायता समूह में घोटाले का आरोप भी लगाया गया, जिसमें कमेटी गठित करके जांच के लिए कहा गया। इसके साथ ही डीएसओ पर राशन डीलरों से मिलीभगत करने और कार्ड धारकों को कम राशन दिए जाने का आरोप लगा। सांसद ने डीएसओ को सभी राशन डीलरों की जांच कराने के निर्देश दिए। बीएसए कार्यालय में सीसीएल के नाम पर खेल किए जाने का आरोप लगाया तो उनसे भी जवाब तलब किया गया।
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सांसद डा. सत्यपाल सिंह ने पीडब्ल्यूडी की सड़क एक साल से पहले टूटने पर ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने के लिए कहा है। हैंडपंप रिबोर करने को लेकर भी सवाल उठे तो उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए कि कितने जमीनी स्तर पर रिबोर हुए और कितने कागजों में रिबोर किए गए।
सीडीओ और स्टेनो को लेकर हुआ सबसे ज्यादा हंगामा
सांसद डा. सत्यपाल के सामने सबसे ज्यादा हंगामा सीडीओ और स्टेनो को लेकर हुआ। सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर और बड़ौत चेयरमैन अमित राणा ने कहा कि गांवों में निरीक्षण के लिए केवल पत्र जारी किए जाते हैं। मगर, निरीक्षण नहीं किया जाता है। इस पर खूब सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा भी सभी अधिकारियों के सामने सीडीओ व उनके स्टेनो पर काफी आरोप लगाए गए। इस पर सांसद भड़क गए और कहा कि सीडीओ पूरा रिकार्ड उपलब्ध कराएंगे कि उन्होंने अभी तक कितने पत्र गांवों के निरीक्षण करने के लिए जारी किए और कितने गांवों में निरीक्षण किया। जिन गांवों में निरीक्षण किया, उनमें क्या-क्या खामियां मिली।
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डाक्टर ने गर्भवती को अस्पताल से निकाला तो कार्रवाई की मांग उठी
जिला महिला अस्पताल में 26 मार्च की रात एक गर्भवती महिला को बाहर निकाल का मामला भी उठाया गया। बताया गया कि उस गर्भवती के परिजनों ने महिला डाक्टर को नींद से जगाकर यह कहा था कि परेशानी हो रही है और वह उसे देख ले। इस पर डाक्टर ने महिला को जिला अस्पताल से बाहर निकलवा दिया था। इस मामले में महिला डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
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