- 1047 पोलिंग पार्टियां रवाना की गई बुधवार को खेकड़ा के लख्मीचंद पटवारी कॉलेज से
- बारिश के कारण लख्मीचंद पटवारी कालेज के बाहर जलभराव व कीचड़ होने से लगा रहा जाम
- पोलिंग पार्टियों के वाहन व बस शाम तक फंसे रहे, काठा व ईपीई के पास से रूट डायवर्ट करना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खेकड़ा के लख्मीचंद पटवारी कॉलेज से बुधवार को 522 मतदान केंद्रों के लिए 1047 पोलिंग पार्टियां रवाना की गई। पोलिंग पार्टियों के वाहन कॉलेज के बाहर निकलते ही कीचड़ में फंस गए। जाम में भी जूझना पड़ा। पुलिस को काठा और ईपीई के पास रूट डायवर्ट करना पड़ा, जिसके बाद कुछ राहत मिली। महिला मतदान कर्मी अपने छोटे बच्चों के कारण भी परेशान होती रही।
तीनों विधानसभाओं बागपत, बड़ौत, छपरौली में मतदान के लिए 522 केंद्र बनाए गए है, जिनपर 1047 बूथ है। इन पर मतदान कराने के लिए बुधवार को खेकड़ा के लख्मीचंद पटवारी कालेज से पोलिंग पार्टियां रवाना की गई। डीएम राजकमल यादव ने बताया कि वहां से 1047 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। सभी मतदान कर्मियों को पूरी ईमानदारी के साथ चुनाव कराने के निर्देश दिए गए है।
कीचड़ के कारण शाम तक फंसे रहे वाहन, जेसीबी से निकाली बसें
लख्मीचंद पटवारी कालेज के आगे से एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू किया गया था, जिससे वहां किनारे पर गड्ढे हो गए है। बुधवार सुबह को बारिश होने के कारण काफी कीचड़ हो गया था, जिनके कारण वहां वाहन फंसे रहे। इससे जाम भी लग गया। पुलिस ने काठा व ईपीई से रूट डायवर्ट करके जाम को किसी तरह खुलवा दिया। मगर, पोलिंग पार्टियों की बस नहीं निकल सकी और वह गड्ढों में फंस गई। उनको जेसीबी से निकाला गया। बुधवार देर शाम तक करीब 40 बसें फंसी रही।
किसी केंद्र में छाया अंधरा तो कहीं टपकती रही छत
मतदान केंद्रों पर पहुंची पोलिंग पार्टियों को अव्यवस्थाएं मिली। किसी जगह अंधेरा छाया रहा और मोबाइल की टॉर्च से काम चलाना पड़ा तो कहीं कमरे की छत टपकती रही। कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी के डॉ भीमराव आंबेडकर जूनियर हाईस्कूल के मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी रविकांश शर्मा ने बताया कि मतदान केंद्र के कमरे की छत टपक रही है। केंद्र का शौचालय ठप पड़ा है और खाने की भी व्यवस्था नहीं है। बिनौली के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में विद्युत लाइन में फाल्ट आने के कारण अंधेरा छाया रहा और कर्मचारियों को अंधेरे में काम करना पड़ा। पिचौकरा के मतदान केंद्र पर रात सात बजे तक और छपरौली के जगजीवन स्कूल के मतदान केंद्र पर साढ़े सात बजे तक भी पोलिंग पार्टियां नहीं पहुंची। इसका कारण बस फंसी होना बताया गया है।