बागपत। ऑनलाइन निवेश कर 210 करोड़ की ठगी करने वाले लविश के एजेंटों पर पुलिस-प्रशासन की नजर टिक गई है।
उनकी अचानक बढ़ी संपत्ति को लेकर जिले के अफसर भी हैरत में हैं। इसको लेकर एजेंटों के घरों पर पुलिस की खुफिया निगाहें हैं, जो एजेंटों के घर आने-जाने से लेकर उनके करीबियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
हिमाचल की क्यूएफएक्स कंपनी में निवेश कराकर 210 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में ईडी ने मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत के पलड़ा गांव में मोमीन के घर छापा मारा था। वहां से मोमीन किसी तरह बचकर निकल गया, लेकिन चंडीगढ़ ईडी की टीम दस्तावेज समेत अन्य सामान लेकर वहां से चली गई।
उधर, ईडी के छापे के बाद बागपत जिले में 17 एजेंटों के छिपे होने की जानकारी मिली, जिन्होंने बड़ौत, छपरौली, बावली, पलड़ा, बिनौली, रटौल समेत अन्य जगहों से 200 से अधिक लोगों का करोड़ों रुपया दस फीसदी मुनाफे का लालच देकर लविश की कंपनी में निवेश कराया। निवेशकों को एजेंटों ने दुबई की सैर भी कराई।
अब ईडी की कार्रवाई के बाद से पूरा प्रकरण सुर्खियों में बना हुआ है। लविश के एजेंटों की सूची तैयार कराकर अपने खुफिया विभाग को अलर्ट कर दिया है।