बागपत के सांकरौद गांव के खाप पंचायत के बहुचर्चित मामले में सोमवार को बागपत पुलिस सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेगी। पुलिस ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। चार दिन पूर्व ही पुलिस अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता को केस से संबंधित पूरे कागजात सौंप दिए थे।
युवती के शिकायती-पत्र पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए एसपी बागपत को नोटिस भेजकर 14 सितंबर को जवाब देने के आदेश दिए थे। इससे पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई।
पुलिस ने गांव में हर स्तर पर खाप पंचायत होने के संबंध में पता लगाया, लेकिन गांव में खाप पंचायत होने की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही केस की जांच एएसपी को सौंपी दी गई थी।
उनकी जांच में केस के विवेचक एसआई अमन सिंह की लापरवाही सामने आई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने एसआई को सस्पेंड कर दिया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब देने की अपनी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है। इस बारे में एएसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि सोमवार (आज) को सुप्रीम कोर्ट में जवाब पेश किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में इस तरह की थी शिकायत
दलित परिवार की युवती ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की है कि उसके भाई का गांव की जाट बिरादरी की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों अप्रैल माह में घर से भाग गए थे।
युवती के परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। खेकड़ा पुलिस ने उन्हें बरामद कर लिया था। युवती को उसके परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस ने उसके भाई रवि को नशीले पदार्थ रखने के मामले में जेल भेज दिया था।
युवती के परिजनों ने युवती की दूसरी जगह शादी कर दी हैं। गांव में जाट बिरादरी की खाप पंचायत हुई। पंचायत ने फरमान सुनाया कि उसे और उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया जाएगा।
उनके बाद उन्हें गांव में निर्वस्त्र करके घूमाया जाएगा। उनके भय से उन्होंने गांव से पलायन कर दिया। उसने मांग की थी कि युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराई जाए।