बड़ौत। सीमेेंट व्यापारी प्रदीप आत्रेय हत्याकांड में नया मोड आया गया है। कोतवाली पुलिस ने मौजिजाबाद नांगल गांव के प्रभावशाली व्यक्ति समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ करने में जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि बिना किसी दवाब में आए जल्द ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
बता दे कि गत 9 अक्टूबर शाम साढ़े सात बजे बिनौली रोड पर बदमाशों ने लूट का विरोध करने पर सीमेंट व्यापारी प्रदीप आत्रेय को गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें मेरठ के जसवंत राय अस्पताल में भर्ती कराया था। 12 अक्टूबर को उपचार के दौरान प्रदीप आत्रेय ने दम तोड़ दिया था। यह हत्याकांड लखनऊ तक गूूंज उठा था। जिसके बाद बढ़ते दबाव के चलते पुलिस ने 24 अक्टूबर को उधम सिंह गैंग में शामिल रहे कुख्यात कमल पंवार निवासी शबगा को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। पुलिस का दावा था कि कमल पंवार ने शामली के अपने साथी बंटी जो भभीसा गांव का रहने वाला था, उसके साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। दोनों अपराधी व्यापारी से रंगदारी मांगने पहुंचे थे। बदमाश लूट की वारदात अंजाम देकर भागने लगे तो व्यापारी से हाथापाई हो गई। पीछा करने पर बदमाश ने गोली चला दी थी। इस दौरान पुलिस ने बदमाश से एक तमंचा 315 बोर, खोखा व जिंदा कारतूस और लूटी हुई रकम मे से 25 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। हालांकि पुलिस के इस नाटकीय खुलासे पर सवाल उठने लगे थे। अब फिर इस हत्याकांड मेें एक नया मोड आ गया है। कोतवाली पुलिस ने देर रात्रि मौजिजाबाद नांगल गांव के प्रभावशाली व्यक्ति समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जिनसे पुलिस गहनता से पूूछताछ कर रही है।
ये बोले सीओ
बड़ौत। इस संबंध में सीओ आलोक कुमार का कहना है कि प्रदीप आत्रेय हत्याकांड में मौजिजाबाद नांगल गांव के प्रभावशाली व्यक्ति सहित अन्य तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पूछताछ के बाद जल्द खुलासा किया जाएगा।
ये बोले पूर्व विधायक
बड़ौत। पूर्व विधायक वीरपाल राठी का कहना है कि पुलिस द्वारा मौजिजाबाद नांगल गांव के जिस प्रभावशाली व्यक्ति को पूछताछ के लिए उठाया गया है, यदि उक्त व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसकी कोई मदद नहीं की जाएगी। यदि कोई दोष नहीं मिलता तो एसपी सहित अन्य पुलिस के अफसरों से मिलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी को लेकर आयोजित हुई पंचायत में मुझे बुलाया गया था।