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समझौते का इंतजार करती रही पुलिस, गांव में बह गया खून

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बागपत के गाधी गांव में घटनास्थल पर जांच करते पुलिसकर्मी - फोटो : BAGHPAT
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- कार्रवाई से हाथ खींचकर समझौते का इंतजार करती रही पुलिस
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- रक्षाबंधन के दिन दोनों पक्षों के बीच भाकियू को कराना था समझौता
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। गाधी गांव में पुलिस के ढुलमुल रवैये के चलते युवाओं के बीच हुआ झगड़ा खून-खराबे में तब्दील हो गया। 25 जुलाई को झगड़े के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। एक तरफ पुलिस फैसले का इंतजार करती रही और दूसरी तरफ गांव में तनाव बढ़ता गया। समझौते की पंचायत से तीन घंटे पहले ही युवक की सरेआम हत्या कर दी गई।
गाधी गांव में 25 जुलाई को हुए झगड़े में प्रमोद कुमार की ओर से नौ लोगों को नामजद किया गया था, जबकि रामवीर पक्ष ने सात नामजद और एक अज्ञात युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जानलेवा हमले की धाराओं में दर्ज मुकदमे में पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। उल्टे गांव में समझौते का इंतजार किया जाने लगा। पुलिस की इसी अदूरदर्शिता की वजह से गांव में तनाव बनता गया और सोमवार को हत्या कर दी गई। दोपहर 12 बजे गांव में समझौते के लिए पंचायत होनी थी। दोनों पक्ष भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर के संपर्क में थे।
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फेसबुक पर हिमांशु कर रहा था टिप्पणी
बागपत। झगड़े की शुरूआत फेसबुक से हुई। आरोप लगाया कि हत्या में नामजद हिमांशु पुत्र रामवीर ने एक युवती के नाम से फेसबुक एकाउंट बनाया था। इससे वह गलत टिप्पणी कर रहा था। इसी बात को लेकर 25 जुलाई को दोनों पक्षों में झगड़े की शुरूआत हुई थी। इसके बाद खेल के मैदान पर भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों ने मुकदमा दर्ज कराया था।
दो साजिशकर्ताओं सहित 11 नामजद
बागपत। रवित की हत्या में उसके चचेरे भाई नितिन पुत्र रमेश कुमार ने 11 लोगों को नामजद किया है। सगे भाई हरिशरण और सोहनवीर पुत्र जय नारायण पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। वारदात में ओमदत्त पुत्र हरिराम, कृष्ण पुत्र ओमदत्त, राजू पुत्र राधेश्याम, धर्मेंद्र पुत्र ओमकार, रामबीर पुत्र जयनारायण, हिमांशु पुत्र रामबीर, रामकिशोर पुत्र ओमे, नितिन पुत्र राम किशोर और हरिश्याम पुत्र जयनारायण नामजद है। आरोपियों में चार सगे भाई शामिल हैं।
कहां लापता हो गया रोहित
बागपत। वारदात के बाद रवित के साथ बाइक सवार रोहित गेझा लापता हो गया। पुलिस को उसकी चप्पल और कपड़े मौके से मिले हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसका अपहरण किया गया है। पुलिस रोहित की तलाश में जुटी है, लेकिन अभी तक उसका सुराग नहीं लग सका है।
हमलावर पक्ष के 12 लोग हिरासत में
बागपत। पुलिस ने हमलावर पक्ष के 12 लोगों को हिरासत में लिया है। महिला पुलिस की मौजूदगी में महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया। एसपी अजय कुमार सिंह का कहना है कि पूछताछ की जा रही है।
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टेंट कराया बुक, पंडित को बुलाने गया था
बागपत। रवित को सावन के आखिरी सोमवार को घर पर हवन कराना था। इसके चलते वह क्यामपुर में टेंट का सामान बुक कराने गया। इसके बाद वह गाधी गांव के ब्राह्मण समाज के मोहल्ले में पंडित को बुलाने गया था। लौटते वक्त रवित की हत्या कर दी गई।
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